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Mohali: Paypal अकाउंट में अवैध ट्रांजेक्शन का डर दिखा करते थे ठगी, फर्जी कॉल सेंटर में रात को चलता था काम

Tue, 25 Jun 2024 08:48 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली

सार

यह फर्जी कॉल सेंटर प्लॉट नंबर ई-177 कैलाश टावर की पहली मंजिल वेबटैप प्राइवेट लिमिटेड के नाम से चल रहा था। 25 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह फर्जी कॉल सेंटर रात को काम करता है और यूएसए के लोगों को उनके पे-पाल अकाउंट में अवैध ट्रांजेक्शन होने के नाम पर ठगते हैं।
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फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्जी कॉल सेंटर खोलकर यूएसए के लोगों को उनकी तरफ से पे-पाल अकाउंट में अवैध ट्रांजेक्शन किए जाने का डर दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का मोहाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर में 37 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 25 लड़के व 12 लड़कियां शामिल हैं। 
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इस कॉल सेंटर का किंगपिन गुजरात में बैठकर इसे ऑपरेट कर रहा था। पुलिस ने उसकी जानकारी जुटा ली है, लेकिन अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपियों के खिलाफ फेज-1 थाने में आईपीसी की धारा 406, 420, 120 व आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में फर्जी कॉल सेंटर के मुख्य सरगना व मैनेजर कैविन प्लेट व प्रतीक सहित कुल 37 लोगों को नामजद किया गया है।

प्लाट नंबर ई-177 में चल रहा था कॉल सेंटर
एसएसपी मोहाली संदीप गर्ग ने बताया कि यह फर्जी कॉल सेंटर प्लॉट नंबर ई-177 कैलाश टावर की पहली मंजिल वेबटैप प्राइवेट लिमिटेड के नाम से चल रहा था। 25 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह फर्जी कॉल सेंटर रात को काम करता है और यूएसए के लोगों को उनके पे-पाल अकाउंट में अवैध ट्रांजेक्शन होने के नाम पर ठगते हैं। पुलिस ने सूचना के आधार पर देर रात कॉल सेंटर में रेड कर 37 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से 45 लैपटॉप, 45 हैडफोन माइक, 59 मोबाइल फोन (दफ्तरी 23 व पर्सनल 36) व एक दिल्ली नंबर की मर्सिडीज कार बरामद की है।
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इस तरह करते थे ठगी
फर्जी कॉल सेंटर में दिखावे के तौर पर इस प्लॉट में वेबटैप प्राइवेट कंपनी चला रही थी। इसकी आड़ में वह विदेशी अकाउंट के खाताधारकों को जाली ई-मेल भेजते थे। उन्हें पे-पाल अकाउंट में अवैध ट्रांजेक्शन का डर बताकर कानूनी कार्रवाई करने की बात करते थे कि उनके अकाउंट में पैनल्टी लगाई जा रही है। इससे बचने के लिए वह उन्हें झांसे में लेकर 100 से एक हजार डॉलर तक की ठगी करने थे। आरोपी 6 महीने से यहां फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। सभी को काम बांटा गया था। 

एसएसपी ने कहा कि जिन 37 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वह लोग जानते थे कि यह फर्जी कॉल सेंटर है। इसके बावजूद वह यहां काम कर रहे थे। इस कारण उन्हें भी बराबर धाराओं में शामिल किया गया है। किसी को डॉयलर्स (कॉल करने व उसे अटेंड करने) की ड्यूटी दी गई थी। कोई बैंकर्स बनकर बात करता था तो किसी को बैंक ब्रांच का अधिकारी बनाया गया था तो कोई ई-मेल के रिप्लाई करता था।

16 मई को पकड़े थे 155 लोग
16 मई 2024 को भी स्टेट साइबर सेल की टीम ने मोहाली में दो ऐसे कॉल सेंटरों का पर्दाफाश किया था, जो अमेरिका में रह लोगों को क्रेडिट स्कोर कम होने पर लोन दिलाने, एप्पल व अमेजन गिफ्ट कार्ड खरीदने के बहाने ठग रहे थे। पुलिस इन कॉल सेंटरों में काम करने वाले 155 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों से 79 कंप्यूटर, 206 लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। दोनों कॉल सेंटर गुजरात में बैठे सरना चला रहे थे। 

आरोपियों पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120बी और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66सी और 66डी के तहत स्टेट साइबर सेल में केस दर्ज किया था। 

आरोपियों ने कॉल सेंटर इस तरह की लोकेशन पर स्थापित किए थे कि किसी को संदेह तक नहीं था। एक कॉल सेंटर सेक्टर-74 में प्लॉट नंबर 88 में स्थित था, जबकि, दूसरा फर्जी कॉल सेंटर सेक्टर 74 में ए-वन टॉवर पर स्थापित किया गया था। कॉल सेंटर में करने वाले कर्मचारियों को एक स्क्रिप्ट दी हुई थी। उसी के हिसाब से सारा काम होता था। यह प्रोफेशनल तरीके से काम करते थे।
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