जीरकपुर। पभात क्षेत्र के खुशहाल एनक्लेव में पानी की समस्या को लेकर मंगलवार को स्थानीय लोगों ने नगर काउंसिल के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने बताया कि उनकी सोसाइटी की ओर से पीने वाले पानी की 350 घरों में सप्लाई देने लिए तीन इंच की पाइप लाइन डाली गई है, जो कि उनकी ही कॉलोनी को पानी देने में भी सक्षम नहीं है। बावजूद इसके करीब 100 घरों में पानी की किल्लत है। लेकिन मंगलवार को एक जेसीबी मशीन किसी प्राइवेट बिल्डर की कॉलोनी को अवैध कनेक्शन करने के लिए पहुंची, जिसे नगर काउंसिल ने भेजा था। इसका स्थानीय लोगों की ओर से जबरदस्त विरोध किया गया और इसके बाद जेसीबी ऑपरेटर को बिना काम किए वापस लौटना पड़ा। वहीं, जब प्रदर्शन कर रहे लोगों ने छुट्टी के दिन कनेक्शन करने के लिए नगर काउंसिल के अधिकारियों से जेसीबी के बारे में पूछा तो काउंसिल के एडिशनल कार्यकारी अधिकारी जगजीत सिंह जज ने बात गोलमोल करते हुए कहा कि मैं चेक करवा लेता हूं कि यह जेसीबी किसकी है। इसके बाद लोगों ने आरोप लगाया कि यह काम काउंसिल के अधिकारियों की मिलीभगत से करवाया जा रहा है। इस कारण अधिकारी बात को गोलमोल कर रहे हैं। सोसायटी निवासी प्रधान शैलिन्दर सिंह, राजीव शर्मा, ओमप्रकाश, टी.एस. ग्रेवाल, बलवान सिंह, हरबीर सिंह, सोहन लाल, ऋतु शर्मा, रीना, चंपा कुमारी, उषा सैनी आदि ने बताया कि उनकी कॉलोनी में करीब 350 घर हैं और हर बार गर्मियों में पानी की किल्लत रहती है। वहीं उनकी कॉलोनी में करीब 100 ऐसे घर हैं जो पानी के टैंकर मंगवाकर अपना गुजारा करते हैं। लोगों ने बताया कि पिछले दस साल में सत्ता में रही अकाली दल और कांग्रेस की काउंसिल उन्हें जैसे तैसे पानी देती तो रही और उनकी पाइपें भी ठीक करवाई गई। लेकिन 12 साल पहले कॉलोनाइजर ने कॉलोनी काटी थी, लेकिन पीने के लिए पानी की टंकी नही बनाई थी। जबकि कॉलोनाइजर की ओर से जो ट्यूबवेल लगवाया गया था उसकी मरम्मत का खर्च भी आरडब्ल्यूए कर रही है। इसके अलावा बोर चलाने बंद करने की जिम्मेदारी भी उनकी सोसायटी द्वारा ही की जाती है।
टैंकरों से करनी पड़ती है पानी की आपूर्ति
स्थानीय लोगों ने बताया कि लोगों को पानी के टैंकर खरीदकर पानी की आपूर्ति की जा रही है। उनकी सोसायटी में करीब 2000 लोग रहते हैं यदि वह पानी दूसरी सोसायटी को देंगे तो वह खुद परेशान हो जाएंगे। जबकि वह अपने खर्च पर पीने वाले पानी का इंतजाम कर रहे हैं। यदि किसी कॉलोनाइजर ने पानी लेना है तो फीस भरे और नगर काउंसिल से पानी ले।
कोट्स
मैं अभी गाड़ी ड्राइव कर रहा हूं। इस मामले में अगर ऐसी बात है तो इसको दफ्तर में जाकर चेक करवाउंगा। इसके बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। इस बारे में मैं अभी कुछ नहीं बता सकता। -जगजीत सिंह जज, एडिशनल कार्यकारी अधिकारी, नगर काउंसिल जीरकपुर।