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Mohali News: साइबर ठगी के चेन में फंसे आम लोग, एकाउंट फ्रीज, सेलरी, ईएमआई, फीस सब फंसी

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मोहाली। साइबर ठगी करने वालों पर शिकंजा कसने की कार्रवाई में अब ऐसे लोग भी आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं, जिनका ठगी से कोई सीधा संबंध नहीं है। मोहाली में साइबर ठगी के अब तक 70 मामले दर्ज हुए हैं और इन मामलों में पीड़ितों के खाते फ्रीज किए गए हैं। वहीं, ठगी के पैसों की ट्रांजेक्शन चेन में छोटी रकम पहुंचने के कारण अन्य खाताधारकों के खाते भी फ्रीज होने की बात सामने आई है। हालांकि यह सभी खाते मोहाली से फ्रीज नहीं हुए। कई खाते वेस्ट बंगाल, गुजरात, दिल्ली, कर्नाटक व हरियाणा से फ्रीज किए गए हैं। इन लोगों का कहना है कि न तो उन्होंने किसी के साथ ठगी की और न ही उन्हें संदिग्ध रकम आने की जानकारी थी, लेकिन उनके खातों में जमा पूरी रकम इस्तेमाल नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि किसी के खाते में महज 500 रुपये की ट्रांजेक्शन के बाद रोक लग गई, तो किसी के खाते में 1800 या 3500 रुपये आने के बाद बैंकिंग सेवाएं बंद हो गईं। खाते में लाखों रुपये जमा होने के बावजूद लोग अपनी ही रकम निकालने और ऑनलाइन भुगतान करने के लिए परेशान हैं। खाते फ्रीज होने से वेतन इस्तेमाल नहीं कर पा रहे, मकान और अन्य बैंक किस्तें टूट रही हैं। कुछ लोगों को जरूरी घरेलू काम के लिए रिश्तेदारों से उधार तक लेना पड़ रहा है।
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केस-1
1.30 लाख रुपये फ्रीज, घर बनाने में आई अड़चन
खरड़ निवासी विशाल ने लोन पर घर खरीदा है। उनके बचत खाते में 1.30 लाख रुपये जमा थे। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल से साइबर ठगी से जुड़ी ट्रांजेक्शन चेन के माध्यम से उनके खाते में 3500 रुपये आए। इसके बाद उनका खाता फ्रीज हो गया और जमा रकम का इस्तेमाल बंद हो गया। नए घर में इलेक्ट्रीशियन का काम करवाना था, लेकिन भुगतान के लिए पैसे नहीं निकले। मजबूरी में उन्हें रिश्तेदार से रकम उधार लेनी पड़ी।
केस-2
1800 रुपये की ट्रांजेक्शन, गूगल-पे और एटीएम बंद
जीरकपुर निवासी नीरू शर्मा को खाते पर रोक लगने का पता तब चला, जब वह ऑनलाइन गैस बुकिंग का भुगतान कर रही थीं। इसके बाद गूगल-पे से लेनदेन नहीं हुआ और एटीएम भी काम नहीं आया। बैंक में संपर्क करने पर उन्हें बताया गया कि गुजरात की साइबर पुलिस के निर्देश पर खाता फ्रीज हुआ है और उनके खाते में साइबर ठगी से जुड़ी चेन के माध्यम से 1800 रुपये आए थे। नीरू के अनुसार, बैंक ने चेक के माध्यम से भी उन्हें रकम देने से इन्कार कर दिया।
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केस-3
सेलरी बैंक में फंसी, ईएमआई टूटी
ढकोली डीपीएस स्कूल में शिक्षिका सिम्मी ने बताया कि उनके खाते में हर महीने की पहली तारीख को वेतन आता है। इस बार सेलरी आने का संदेश तो मिला, लेकिन ऑनलाइन भुगतान करने की कोशिश में पता चला कि खाता फ्रीज है। बैंक से संपर्क करने पर उन्हें बताया गया कि हरियाणा की साइबर पुलिस के निर्देश पर खाते पर रोक लगी है। सिम्मी के अनुसार, इसी खाते से उनके घर की किस्तें जाती हैं। रकम इस्तेमाल नहीं कर पाने के कारण उनकी किस्त टूट गई और उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
केस-4
500 रुपये खाते में आए, क्रेडिट कार्ड की पेमेंट रुकी
ढकोली निवासी राजेंद्र सिंह के अनुसार, उनके बचत खाते में ट्रांजेक्शन चेन के माध्यम से केवल 500 रुपये आए थे। इसके बाद बंगलुरू से खाता फ्रीज कर दिया गया। वह अपनी रकम का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि समय पर क्रेडिट कार्ड का भुगतान नहीं होने के कारण बैंक ने उन पर ब्याज और अन्य शुल्क लगा दिए हैं। जीरकपुर आईडीएफसी बैंक कर्मी भी सहयोग नहीं कर रहे हैं। जीआरएम पोर्टल की जानकारी देने से भी बच रहे हैं। कस्टमर केयर का कहना है कि संबंधित शाखा से ही काम होगा।



ऐसे मामले जिनमें लोगों के खाते फ्रीज हुए हैं उन्हें सुझाव है कि वह जीआरएम पोर्टल पर अप्लाई करें जिसे साइबर पुलिस वेरिफाई करने के बाद फ्रीज हटा देगी। - वरिंदर सिंह खोसा, डीएसपी साइबर क्राइम



ऐसे मामलों के लिए लोगों को रोजमर्रा के लिए एक खाता रखना चाहिए। इसमें पांच-सात हजार से ज्यादा राशि ना रखें। दूसरे खाते में अपनी सेविंग करें जिसे इमरजेंसी के लिए इस्तेमाल किया जा सके। उस खाते पर गूगल-पे से राशि का आदान-प्रदान ना करें। -आकाश बक्शी, बैंक मैनेजर यूको बैंक
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