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Mohali News: मोहाली के एडवांस्ड ऑटिज्म केयर एंड रिसर्च सेंटर में कल से ओपीडी शुरू

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मोहाली। अब शहर में ऑटिस्टिक बच्चों के लिए एडवांस्ड ऑटिज्म केयर एंड रिसर्च सेंटर की ओपीडी शुरू कर दी गई है। इसका उद्घाटन पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता पर काम कर रही है।
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विश्व ऑटिज्म दिवस पर सेक्टर-79 के एडवांस ऑटिज्म केयर एंड रिसर्च सेंटर में उन्होंने कहा कि इस केंद्र को पंजाब के ऑटिस्टिक बच्चों के इलाज और उनकी अंदर की बहुमुखी प्रतिभा को सामने लाया जाएगा। इसी वजह से राज्य के सबसे बेहतरीन केंद्र के रूप में इसको विकसित किया जाएगा।


उन्होंने ऑटिस्टिक बच्चों का उदाहरण देते हुए कहा कि आज एलन मस्क और थॉमस एडिसन की प्रसिद्धि से सभी परिचित हैं। एक दुनिया में सफल व्यवसायी के रूप में ख्याति प्राप्त कर रहा है, तो दूसरे ने प्रकाश बल्ब का आविष्कार करके अपनी प्रखर बुद्धि का परिचय दिया है। उन्होंने बताया कि वे दोनों ही ऑटिस्टिक बच्चे थे। थॉमस एडिसन की मां ने अपने बेटे के स्कूल द्वारा भेजे गए नोट्स को जीवन भर छिपाकर रखा। इस कारण उनका बेटा दुनिया का सबसे महान वैज्ञानिक और आविष्कारक बन गया।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऑटिज्म से प्रभावित बच्चे अंतर्मुखी स्वभाव के हो जाते हैं। उनका तंत्रिका विज्ञान और सीखने का शरीर विज्ञान अलग है। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की मानसिकता को उनकी माताएं भलीभांति समझती हैं तथा उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाती हैं, जिससे वे समाज में अपना विशिष्ट स्थान बना सकें।


रिसर्च सेंटर में होंगी यह सुविधाएं
इस ऑटिज्म सेंटर में स्पीच थैरेपी, सेंसरी इंटीग्रेशन थैरेपी, प्ले थैरेपी और क्लीनिकल असेसमेंट रूम होगा। साथ ही इसकी ओपीडी सेवा का भविष्य में और विस्तार किया जाएगा। अगले स्तर की सेवाएं और अनुसंधान इस संस्थान को पंजाब के केंद्रीय संस्थान के रूप में उभारेंगे। इस केंद्र को डाॅ. बीआर आंबेडकर आयुर्विज्ञान संस्थान की ओर से संचालित किया जाएगा। इस चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग इसकी सफलता के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यहां प्रशिक्षण, छात्रावास आवास आदि सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि 2016 में शुरू किए गए इस सेंटर के कामकाज में देरी पिछली सरकारों की उदासीनता के कारण हुई थी। अब सरकार इसे सभी प्रकार की सुविधाओं से लैस करेगी और इसे राज्य के सभी ऑटिस्टिक बच्चों के लिए बड़ी उम्मीद के केंद्र के रूप में विकसित करेगी।

डॉ. बलबीर सिंह ने आदेश दिए कि इस संस्थान के बाकी काम प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं, जिससे ऑटिस्टिक बच्चों को इस सेंटर से अधिक से अधिक लाभ मिल सके। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के प्रमुख सचिव कुमार राहुल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान डाॅ. आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के निदेशक प्रिंसिपल डाॅ. अवनीश कुमार और भवनीत भारती भी उपस्थित थीं।
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