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Mohali News: पुराने वाहनों ने बढ़ाईं पेचीदगियां, कैसे हो ऑनलाइन डिजिटल रिकॉर्ड

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मोहाली। पुराने वाहनों का डिजिटल रिकॉर्ड ऑनलाइन न होने से वाहन मालिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिन वाहनों का रजिस्ट्रेशन पुराने ऑफलाइन सिस्टम से हुआ था, उनका डेटा अब तक पोर्टल पर अपडेट नहीं हुआ है। नतीजतन न तो वाहन का नाम ट्रांसफर हो पा रहा है, न ही मालिक कानूनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो पा रहे हैं। इस कारण एफिडेविट के सहारे गाड़ियों की खरीद-फरोख्त हो रही है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में कानूनी पेचीदगियां बढ़ जाती हैं।
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एफिडेविट के सहारे चल रही खरीद-फरोख्त
स्थिति यह है कि वाहन मालिक अब गाड़ियां एफिडेविट के माध्यम से खरीद-बेच रहे हैं। ऐसे मामलों में रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड में मालिकाना हक पुराने मालिक के नाम पर ही बना रहता है, जिससे कानूनी जोखिम बढ़ गया है। एक वाहन डीलर ने बताया कि पहले जब काम ऑफलाइन होता था, तब आरसी पर हाथ से ही लिख दिया जाता था कि गाड़ी किसे बेची गई है, लेकिन अब डिजिटल सिस्टम में बिना ऑनलाइन एंट्री के कुछ भी मान्य नहीं है।

गाड़ियां बिक नहीं रहीं, चल भी नहीं रही

केस 1:
सेक्टर-68 निवासी मनप्रीत सिंह ने बताया कि उनकी कार पर अब भी पुरानी नंबर प्लेट लगी है। बैकलॉग एंट्री नहीं होने के कारण उन्हें हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं मिल रही है। चालान का डर है। गाड़ी कहीं ले जाने से भी डर लगता है। बेच नहीं पा रहा हूं, क्योंकि नाम ट्रांसफर नहीं हो सकता।
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केस 2:
जीरकपुर के संदीप शर्मा ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2017 में 88 हजार रुपये की पल्सर बाइक खरीदी थी। तब टेंपरेरी नंबर प्लेट लगी थी। दिसंबर-जनवरी 2018 में नोटिफिकेशन आ गया कि इस मॉडल पर नंबर नहीं लगेंगे। अब न बेच सकता हूं, न चला सकता हूं। नई बाइक घर में खड़ी-खड़ी कबाड़ हो गई है।


एक्सीडेंट की स्थिति में बढ़ता है खतरा
जानकारों का कहना है कि यदि ऐसी किसी एफिडेविट आधारित गाड़ी से हादसा हो जाए, तो उसकी जिम्मेदारी उसी व्यक्ति पर आ जाती है जिसके नाम पर वाहन पंजीकृत है, भले ही वह गाड़ी बेच चुका हो। इससे कानूनी कार्यवाही का खतरा बढ़ जाता है।


हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट भी नहीं मिल रही
पुराने रजिस्ट्रेशन वाले कई वाहन हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट से वंचित हैं। ऐसा होने से वे चंडीगढ़ जैसे क्षेत्रों में प्रवेश के लिए मान्य नहीं माने जाते। लोग अब भी साधारण नंबर प्लेट्स के साथ गाड़ियां चला रहे हैं, यह नियमों के अनुसार अनुचित है।



लेटर आ चुका है, लेकिन प्रोविजनिंग अब तक नहीं आई है। सरकार की तरफ से देरी हो रही है। उम्मीद है कि एक हफ्ते या 10 दिन में प्रक्रिया दोबारा शुरू हो जाएगी। -रोहित गर्ग, एटीओ, मोहाली
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बैकलॉग एंट्रीज की प्रक्रिया प्रोसेस में है। एक हफ्ते या कुछ ही दिन में यह काम शुरू हो जाएगा। काम किया जा रहा है। -जोनल हेड, अर्जुन सिंह, आरटीए
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