बलटाना में सड़क किनारे लगीं रेहड़ियां।
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जीरकपुर। शहर में सड़कों पर लगने वाली रेहड़ी मार्केट के कारण लोगों को जाम से परेशान होना पड़ता है। इससे लोगों को निजात दिलाने के लिए पिछले साल जून में स्थानीय प्रशासन ने एक योजना बनाई थी, जिसे स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी का नाम दिया गया। इस योजना के तहत शहर के रेहड़ी वालों को सरकारी जगह आवंटित करनी थी, ताकि सड़कों पर खड़े रेहड़ी वाले शहरवासियों के लिए परेशानी न बनें। स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी आठ महीने बाद भी आदेशों तक ही सीमित है, जो अभी तक साकार नहीं हो सकी है।
कॉलोनी के मुख्य रास्तों पर लगता है जाम
जानकारी के मुताबिक शहर के कई हिस्सों में रेहड़ी वाले सड़क पर रेहड़ियां लगाकर अपनी दुकानदारी करते हैं। सड़क के बीचोंबीच खड़े रेहड़ी वालों को सामान बेचता देख लोग अक्सर गाड़ियां रोककर खरीदारी करने लगते हैं, जिसका नतीजा यह होता है कि पीछे से आने वाले वाहन चालकों को जगह नहीं मिलती है और जाम लग जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी शाम के समय होती है। इस समय लोग दफ्तरों से घर लौटते हैं। सुबह के समय भी जाम लगने से लोगों को दफ्तर पहुंचने में देरी हो जाती है।
तीन महीने चली कार्रवाई
शहरवासियों की लगातार नगर परिषद कार्यालय को मिलने वाली शिकायतों के बाद उच्चाधिकारियों की बैठक हुई। इस दौरान रेहड़ी वालों से लोगों को निजात दिलाने के लिए स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी बनाने का फैसला लिया गया। स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी के तहत बनाई जाने वाली कार्ययोजना के कार्यभार की जिम्मेदारी अधीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी गई। उन्होंने शहर में लगने वाली कुल रेहड़ियों की जानकारी जुटाने के लिए एक टीम का गठन किया, लेकिन यह कार्रवाई तीन महीने तक ही चली। इसके बाद इस योजना पर काम बंद हो गया।
स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी के लिए शहर में लगने वाली रेहड़ियों का सर्वेक्षण हुआ था, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते यह काम बीच में रोक दिया गया था। इस मामले संबंधी अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है। -बलविंदर सिंह, अधीक्षक (स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी का कार्यभार देख रहे), जीरकपुर नगर परिषद।
कोविड-19 की मार सबसे ज्यादा रेहड़ी वालों पर पड़ी है। इनके कारोबार पूरी तरह से ठप हो चुके हैं। उनके लिए ऋण सुविधा देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम किया जा रहा है। स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी बनाकर जल्द इसे पूरे शहर में लागू कर दिया जाएगा। अधीक्षक से बैठक कर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि लोगों को जाम से परेशान न होना पड़े। -संदीप तिवाड़ी, ईओ (अतिरिक्त कार्यभार), जीरकपुर नगर परिषद।