जीरकपुर। जीआईएस प्रॉपर्टी ड्रोन बेस्ड सर्वे करवाने और हर एक प्रॉपर्टी पर क्यूआर कोड वाली नंबर प्लेट लगाने की प्रक्रिया के लिए केवल एक ही ठेकेदार ने दिलचस्पी दिखाई है। नियमों के अनुसार टेंडर भरने वाले केवल एक ठेकेदार को टेेंडर नहीं दिया जा सकता। इस मामले में नगर परिषद ने हेड ऑफिस से सलाह मांगी है। करीब एक महीना पहले भी नगर परिषद ने इस काम के लिए टेंडर लगाया था। तब भी किसी ठेकेदार ने दिलचस्पी नही दिखाई थी। इस बार भी केवल एक ही ठेकेदार सामने आया है। यह टेंडर 1.67 करोड़ का है।
नगर परिषद ने जीआईएस प्रॉपर्टी ड्रोन बेस्ड सर्वे करवाने के लिए टेंडर लगाया था। इसके लिए नगर परिषद ने शहर की करीब डेढ़ लाख की प्रापर्टी का सर्वे किया। अब सभी प्रॉपर्टी के आगे नंबर प्लेट लगवाई जाएगी। इस प्रकिया से नगर परिषद को प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में राजस्व का भी बहुत ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा घर के आगे नंबर प्लेट लगने से लोगों को भी प्रॉपर्टी टैक्स भरने में काफी आसानी हो जाएगी। इस टेंडर प्रक्रिया से ठेकेदार संपत्तियों के सर्वेक्षण के लिए श्रम, भ्रमण, 45 विशेषताओं वाले मोबाइल एप्लिकेशन में सर्वेक्षण डेटा संग्रहण की शुरूआत, एक्सेल शीट और आर्कजीआईएस सॉफ्टवेयर में डेटा का सत्यापन, प्रॉपर्टी आईडी, जल सप्लाई व सीवर, बिजली, प्लॉट सर्टिफिकेट नंबर के साथ यूआईडी का एकीकरण भी शामिल है। इसके बाद ठेकेदार द्वारा अल्युमिनियम यूआईडी प्लेट्स उपलब्ध करवाई जाएगी। हर एक प्रॉपर्टी के आगे इसे लगाया जाएगा।
सर्वे के बाद नगर परिषद को प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में राजस्व का भारी फायदा होगा। प्रॉपर्टी टैक्स भरने वाले लोगों को भी काफी फायदा होगा। हमने टेंडर लगाया था, जिसमें एक व्यक्ति ने अपरोच किया है। हमने हेड ऑफिस से सलाह मांगी है। जैसे ही कोई रिप्लाई आता है, तो उसके हिसाब से काम किया जाएगा। टेंडर रिकाॅल भी किया जा सकता है। - चरणपाल सिंह, म्यूनिसिपल इंजीनियर, नगर परिषद जीरकपुर