मोहाली। खरड़ के लोगों को अब नए बन रहे फ्लाईओवर के नीचे से गुजरने वाली सड़क पर बस या ऑटो पकड़ने के लिए धूप, बारिश और कोहरे में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। क्योंकि उनके लिए अति आधुनिक बस क्यू शेल्टर बनाने का काम शुरू हो गया है। एक अनुमान के मुताबिक इस हाईवे पर करीब 18 बस क्यू शेल्टर बनाए जाने हैं। जो कि फ्लाईओवर के शुरू होने तक पूरी तरह तैयार हो जाएंगे। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि बस क्यू शेल्टर स्मार्ट सिटी में बनाए गए बस क्यू शेल्टर की तर्ज पर स्टील के बने होंगे और इसके साथ ही यह दिव्यांग फ्रेंडली होंगे, जिससे किसी को भी इनके नीचे खड़े होकर किसी भी प्रकार की दिक्कत महसूस न हो। यह बस क्यू शेल्टर बनाने के लिए काम शुरू हो चुका है।
जानकारी के मुताबिक खरड़ की आबादी दो लाख से ऊपर पहुंच गई है। कई नामी रियल स्टेट कंपनियों ने अपने रिहायशी प्रोजेक्ट यहां पर बना रखे हैं। ऐसे में रोजाना चंडीगढ़ या उसके साथ लगते इलाकों के लोग रोजगार के लिए अन्य इलाकों में जाते हैं। यह लोग आने-जाने के लिए सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बस क्यू शेल्टर नहीं होने के कारण लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। कई बार इस मामले को इलाके के लोग प्रशासन के सामने उठा चुके हैं। क्योंकि लोगों को तेज धूप और बारिश में भी काफी दिक्कत उठानी पड़ती थी। हालांकि इस दिशा में काफी समय से नगर काउंसिल खरड़ भी प्रयास कर रही थी। इतना ही नहीं नगर काउंसिल ने अपना सर्वे तक करवाया था। हालांकि अब फ्लाईओवर के साथ ही इस दिशा में काम शुरू किया गया है। वहीं, जिला प्रशासन फ्लाईओवर को लेकर कई बार नेशनल हाईवे अथारिटी के अधिकारियों से बैठक भी कर चुका है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि फ्लाईओवर के कारण लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
निर्धारित जगह पर खड़ी होंगे वाहन, रुकेंगे सड़क हादसे
जानकारी के मुताबिक यह बस क्यू शेल्टर मुख्य सड़क से हटकर किनारे पर बनाए गए हैं। वहां पर बसों को रुकने के लिए जगह की मार्किंग होगी। यह पोजीशन ऐसी रहेगी कि पीछे से आने वाले वाहनों को कोई दिक्कत न आए और इसके साथ ही दिव्यांग लोग भी आसानी से बस पकड़ पाएंगे।
बनने के बाद ऐसे दिखेंगे नए बस क्यू शेल्टर
जानकारी के मुताबिक जो बस क्यू शेल्टर बनाए जाएंगे। वह पूरी तरह से मोहाली या चंडीगढ़ में बने बस क्यू शेल्टर की तरह के होंगे। यह बस क्यू शेल्टर स्टील के हैं, जिससे इनको जंग लगने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी और इनमें बैठने के लिए कुर्सियां होंगी और कूड़ेदान की व्यवस्था रहेगी। वहीं, बसों के पूरे टाइम टेबल आसानी से लोगों को मिलेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे लोगों को फायदा होगा।