यह फैसला सुनने के बाद ट्राइसिटी के लोगों की मांग है कि बुधवार को भी शताब्दी चलाई जाए। क्योंकि शताब्दी दिन में चंडीगढ़ से दिल्ली रोजाना जाती है। बुधवार को चंडीगढ़ और दिल्ली के बीच शताब्दी चलती है, तो उससे रेल यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। क्योंकि बिजनेस और नौकरी पेशा वाले लोग दिन में जाकर और वहां अपना काम निपटाकर दिल्ली से रात को शताब्दी से ही घर आना पसंद करते हैं। ऐसे लोगों की मांग है कि शताब्दी को बुधवार को भी चलाया जाए।
लगेज बैग्स स्कैन करवाए बगैर नहीं होगी प्लेटफॉर्म पर एंट्री
अंबाला डिवीजन की ओर से रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 की एंट्री पर ही लगेज बैग स्कैनिंग मशीन लगा दी गई है। जिसको हाल ही में ट्रायल बेस पर चलाया था। रेलवे स्टेशन पर आने वाले हर यात्री को अब सुरक्षा के नजरिए से लगेज बैग स्कैन कराना होगा। तभी पैसेंजर रेलवे स्टेशन पर एंट्री कर पाएंगे।
इसके कंट्रोल की जिम्मेदारी आरपीएफ को दी गई है। पिछले कई साल से रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) लगेज स्कैनर की डिमांड कर रही थी। इसके बाद रेलवे ने अंबाला डिवीजन को 6 लगेज स्कैनर मशीन उपलब्ध कराई है। ट्रायल बेस पर आरपीएफ के सुरक्षाकर्मियों को मशीन ऑपरेट करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। अभी आरपीएफ के पास बैग स्कैनर मशीन ऑपरेट करने के लिए दो ही ट्रेंड मुलाजिम हैं, जबकि इसे सही तरीके से चलाने के लिए 8 मुलाजिमों की जरूरत पड़ेगी।
नोटिफिकेशन के बाद शुरू होगा प्रोसेस: डीआरएम
अंबाला डिवीजन के डीआरएम गुरिंदर मोहन सिंह ने बताया कि शताब्दी का एक दिन चेंज किया जा रहा है। अभी यह अंडर प्रॉसेस है। इसे अमल में 120 दिनों के भीतर लाया जाएगा। बुधवार को बंद करके शताब्दी रविवार को चलाई जाएगी। इसका प्रस्ताव बनाकर हेड ऑफिस भेज दिया है।