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अब मसोल में होगा कोरोना टीकाकरण, अधिकारी उठाएंगे खर्च, अधिकारियों ने कोरोना काल में शुरू की नई पहल

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मोहाली। जिले के आखिरी गांव मसोल के लोगों को कोरोना महामारी से बचाने के लिए डीसी गिरीश दियालन और उनके साथी अधिकारी खुद आगे आए हैं। उन्होंने गांव के 18 से 44 साल के लोगों को टीके लगवाने पर आने वाला खर्च खुद उठाने का फैसला लिया है। जल्द ही गांव में सौ फीसदी टीकाकरण का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। यह जानकारी डीसी ने खुद दी।
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उन्होंने बताया कि उनकी कोशिश यही है कि उनके प्रयास के बाद अन्य लोग भी आगे आएंगे और इस महामारी से जंग में हमारी जंग को मजबूत करेंगे।
उन्होंने कहा कि मसोल में 45 साल के लोगों का टीकाकरण पहले ही हो चुका है। अब बाकी लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण के लिए एडीसी-जी आशिका जैन, एडीसी-डी राजीव कुमार गुप्ता, एसडीएम हिमांशु जैन, एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बाबा और एसडीएम मोहाली जगदीप सहगल सहयोग करेंगे। इसके अलावा सेक्टर-26 दि ग्रेट बियर की मालिक प्रियंका गुप्ता ने 200 लोगों के लिए टीके उपलब्ध करवाए हैं। यह लॉट गांव नंगलिया में 18 से 44 साल के लोगों के लिए सौंपा गया। ऐसेे में आम लोगों को टीकाकरण के लिए आगे आना चाहिए।
वहीं, विभाग की वेबसाइट पर टीका लगवाने के लिए रकम दान करने संबंधी लिंक दिया गया है। एक टीके की कीमत साढ़े चार सौ रुपये की गई है।
अमर उजाला ने उठाया था गांव का मामला
बता दें कि कुछ दिन पहले गांव मसोल की खस्ता हालत का मुद्दा अमर उजाला ने एक सीरीज प्रकाशित कर उठाया था। इसमें वहां की प्रत्येक स्थिति को गंभीरता से उठाया था। यह भी यहां तक कि कोरोना टीकाकरण का मुद्दा भी उठाया गया था कि गांव के लोगों के कोरोना टीकाकरण को लेकर कई तरह के भ्रम हैं। वह टीकाकरण में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। सेहत विभाग की टीम को इस काम में दिक्कत आ रही है। जिसके बाद अब इस दिशा में कार्रवाई हुई है।
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