जीरकपुर। शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता एवं हलका डेराबस्सी से पूर्व विधायक एनके शर्मा की ओर से सोमवार को पार्टी से सभी पदों और सदस्यों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह फैसला पार्टी के पूर्व प्रधान एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की ओर से इस्तीफा देने के बाद रोष में लिया है।
एनके शर्मा बादल परिवार के काफी नजदीकी रहे हैं। सुखबीर बादल के फैसले को लेकर सोमवार को अकाली दल कोर कमेटी की मीटिंग होने से पहले ही एनके शर्मा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल के खिलाफ साजिश रची जा रही है। जबकि अकाली दल ने पंजाब के लिए बड़ी कुर्बानियां दी हैं और पंजाब में अमन शांति लाने में पार्टी की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल ने पार्टी में हरेक धर्म और हरेक व्यक्ति का सम्मान किया है। इस दौरान उन्होंने बड़े साफ शब्दों में कहा कि अगर सुखबीर सिंह बादल पार्टी के प्रधान बने रहते हैं तो वह भी पार्टी में बतौर साधारण वर्कर काम करते रहेंगे। लेकिन यदि सुखबीर बादल पार्टी के प्रधान नहीं रहे तो वह पार्टी में रहना बिलकुल भी पसंद नहीं करेंगे।
इस दौरान उन्होंने अकाल तख्त के जत्थेदारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रेम सिंह चंदूमाजरा और बीबी जागीर कौर के किरदार को देखना चाहिए, जो शिरोमणि अकाली दल को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले जत्थेदारों को ऐसे नेताओं को सजा देनी चाहिए। बता दें के श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा तीन महीने पहले ही बादल को धार्मिक सजा सुना दी थी। उसे दौरान अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी रघुवीर सिंह द्वारा बादल को तनखाइया करार दे दिया गया था। बादल पर अपनी सरकार के समय डेरा सच्चा सौदा साध गुरमीत राम रहीम को माफी देना, उस समय सुमेध सिंह सैनी को डीजीपी पंजाब लगाना और गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न करने के आरोप लगाए थे। इससे पहले बलविंदर सिंह भुंदड़ को पार्टी प्रधान लगा दिया गया था। जब की बागी धड़े ने अकाल तख्त के सामने पेश होकर उपरोक्त चारों गलतियों में अपनी भूमिका के चलते माफी भी मांगी थी।