मोहाली। पुलिस मुख्यालय पर आरपीजी से हमला करने वाले आरोपियों में निशान सिंह निवासी तरनतारन और अमनदीप सिंह उर्फ सोनू निवासी अमृतसर से नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) अब जेल में जाकर पूछताछ करेगी। 2022 में एनआईए ने भारत में माहौल खराब करने और हथियारों की तस्करी करने के मामले में अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला के खिलाफ एक केस दर्ज किया था। इस मामले में जांच के दौरान दोनों आरोपियों का नाम सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक एनआईए ने मोहाली जिला अदालत में एक याचिका लगाई थी। इसमें उन्होंने कहा था कि गृह मंत्रालय के आदेश पर जांच के लिए 20 अगस्त, 2022 को एक मामला दर्ज किया गया था। इसमें मुख्य आरोपी अर्श डल्ला था। इसमें केंद्र सरकार को सूचना मिली थी कि खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट, बब्बर खालसा, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन और दूसरे गैर कानूनी संगठन देश के खिलाफ आतंकवादी साजिश रच रहे हैं और देश में आतंकियों का नेटवर्क भी तैयार कर रहे हैं। सीमा के इलाके से हथियार, हथियार की सामग्री, विस्फोटक और आईईडी की तस्करी कर देश के अंदर भेज रहे हैं।
इस जांच में पता चला कि निशान सिंह और अमनदीप भी इस मामले में शामिल हो सकते हैं, क्योंकि दोनों ही लखबीर सिंह उर्फ लंडा और हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के करीबी हैं। दोनों आरोपी सोहाना पुलिस की ओर से पुलिस मुख्यालय पर हुए हमले के दर्ज मामले में जेल में बंद हैं। निशान सिंह सेंट्रल जेल फरीदकोट और अमनदीप सिंह जिला जेल संगरूर में बंद हैं इसलिए दोनों से न्यायिक हिरासत में पूछताछ की अनुमति दी जाए। साथ ही जेल सुपरिंटेंडेंट को जगह और सुविधा मुहैया कराने के आदेश भी दिए जाएं। जांच के लिए दोनों आरोपियों से मौखिक पूछताछ के लिए एनआईए को अनुमति दे दी है।