दबिश के बारे में जानकारी देते बुजुर्ग मां-बाप
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नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने रेफरेंडम-2020 के समर्थकों पर शिकंजा कस दिया है। इंग्लैंड में बैठे आतंकी परमजीत सिंह पम्मा के मोहाली स्थित घर पर एनआईए ने मंगलवार को दबिश दी। टीम करीब साढ़े 6 घंटे उनके फेज-3बी2 स्थित घर में जांच करती रही। हर चीज की गहनता से छानबीन की। टीम बाकायदा सर्च वारंट लेकर आई थी। लोकल पुलिस और गवाह भी मौजूद रहे।
एनआईए ने घर में सभी चीजों की वीडियोग्राफी भी की है। कुछ जानकारियां और दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं। इसकी पूरी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। एनआईए के लगभग 12 सदस्यों की टीम लोकल पुलिस के सहयोग से पम्मा के घर पहुंची थी। घर में पम्मा की मां रतन कौर और पिता अमरीक सिंह मौजूद थे। उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जांच चली। टीम उनके बैंक अकाउंट में कैश और एफडी आदि की जानकारी नोट करके ले गई है।
पम्मा से उसकी मां 2015 में मिली थी पुर्तगाल की जेल में
पम्मा की मां ने बताया कि वह 2015 में पम्मा से पुर्तगाल की जेल में मिलकर आई थीं। उसके बाद उनकी उससे कोई बातचीत नहीं हुई। उनके चार बेटे और बेटियां हैं। इनमें से एक परमिंदर सिंह को साल-1991 में पुलिस ने एक झूठे एनकाउंटर में मार गिराया था और परमजीत सिंह पम्मा को गिरफ्तार किया था। वह करीब 10 महीने संगरूर जेल में रहा था। पम्मा घर में सबसे छोटा है। इस समय वह अपने परिवार के साथ इंग्लैंड में रह रहा है।
बता दें कि पम्मा पर 2018 में कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। पम्मा का नाम भारत सरकार द्वारा तैयार की गई सूची में भी है और उसे इंग्लैंड से भारत लाने की तैयारी है। हालांकि अभी इसमें भारत सरकार कामयाब नहीं हो पाई है।