करनाल। मुठभेड़ में गोली लगने से घायल बदमाश खरड़ निवासी गुरजीत सिंह वीरवार की रात 12.24 बजे जिला नागरिक अस्पताल से पुलिस पहरे में चकमा देकर फरार हो गया।
रात को आंधी के बाद लाइट जाने पर हुलिया बदलकर निकले इस बदमाश ने पुलिस को ही सुरक्षा व्यवस्था और सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया है। इस बदमाश की सुरक्षा में कुल छह जवान तैनात थे। जिन्हें बदमाश के निकलने की भनक तक नहीं लगी।
मामले में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को एसपी नरेंद्र बिजराणिया ने गार्द प्रभारी ईएचसी संदीप को सस्पेंड कर दिया। जबकि सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस अकादमी के अन्य पांच सिपाही प्रदीप, सुमित, गौवर्धन, अमित और अंकित पर विभागीय कार्रवाई और सस्पेंड करने के लिए यूनिट प्रभारी को पत्र लिखा।
रात में लाइट जाने पर भी ये पुलिसकर्मी सतर्क नहीं हुए। कुछ समय बाद लाइट आने पर जब उन्होंने चेक किया तो अस्पताल के कैदी वार्ड में बेड पर पड़ी बदमाश की केवल हथकड़ी ही मिली। कई जिलों की पुलिस के इस वांछित आरोपी के भागने की सूचना के बाद पुलिस में हलचल मच गई। शुक्रवार की रात तक आरोपी का पुलिस सुराग नहीं लगा पाई। हालांकि पुलिस की अलग-अलग कई टीमें दबिश दे रही हैं। बदमाश गुरजीत पर 2 मई को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 स्थित तरावड़ी के नजदीक पेट्रोल पंप पर फायरिंग करके कर्मचारी से लूट के प्रयास का आरोप था।
जिसे करीब 23 दिन की तलाश के बाद सीआईए-1 की टीम ने मेरठ रोड स्थित आवर्धन नहर के पास 25 मई को मुठभेड़ के बाद काबू किया था। आरोपी के कूल्हे के पास टांग में गोली लगने पर उसे इलाज के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।