मोहाली। जिला मजिस्ट्रेट कोमल मित्तल ने जिले में मॉडिफाइड साइलेंसर और अवैध रूप से बदले गए वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 15 मई 2026 से प्रभावी हो गया है और 14 जुलाई 2026 तक लागू रहेगा। सार्वजनिक सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके तहत किसी भी वाहन के मूल स्वरूप में अवैध बदलाव या निर्माण प्रतिबंधित है। जुगाड़ू रेहड़ियों और पीटर रेहड़ियों जैसे वाहनों को सड़कों पर चलाने पर भी रोक है। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि तेज आवाज वाले साइलेंसर ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं। इससे आम लोगों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को परेशानी होती है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने भी ऐसे वाहनों से यातायात प्रभावित होने और जान-माल के खतरे की रिपोर्ट दी थी। कई वाहन सुरक्षा मानकों के बिना तैयार होते हैं, जिससे हादसों की आशंका रहती है।
अभियान और कार्रवाई
ट्रांसपोर्ट विभाग पंजाब और मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को ऐसे वाहन बनाने, मॉडिफाई करने या मरम्मत करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।