मोहाली। अब इलेक्ट्रॉनिक सामान के मामले में चीन या ताइवान पर आपकी निर्भरता खत्म हो जाएगी। देश के युवाओं ने खुद ही वह कमाल कर दिखाया है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी में इलेक्ट्रॉनिक सामान की जरूरतें पूरी हो जाएंगी। आईआईटी रोपड़ के पीएचडी स्कॉलर मयंक और उनकी टीम ने छह उन्नत चिप्स डिजाइन करके भारत की तकनीकी क्षमता का नया अध्याय लिख दिया है। फेज लॉक लूप, रिंग वीसीओ, न्यूरोन सर्किट और बैंड गैप रेफरेंस के अलावा अन्य चिप्स शुक्रवार को सेमी कंडक्टर लेबोरेटरी (एससीएल) मोहाली को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में चिप टू स्टार्टअप (सी2एस) प्रोग्राम के तहत औपचारिक रूप से सौंपे गए। यह सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि एक ऐसा कदम है जो आने वाले समय में देश की कारों, मशीनों, मेडिकल डिवाइसेस और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स को ज्यादा सुरक्षित, विश्वसनीय और मेड इन इंडिया का बना सकती हैं। इन अभिनव डिजाइनों के लिए पेटेंट भी फाइल किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छात्रों की इस सफलता पर बधाई देकर इस पहल को भारत के सेमीकंडक्टर सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। यह देश की प्रतिभा और विनिर्माण क्षमता का प्रमाण है। संवाद
गाड़ी और फोन के लिए खास चिप्स
- फेज लॉक लूप (पीएलएल) : जब हम किसी डिवाइस में सिग्नल भेजते हैं, तो उसमें कुछ शोर या नोइज आ जाता है। इससे सिग्नल की क्वालिटी खराब हो जाती है। मयंक की टीम ने अपनी चिप को ऐसा बनाया है कि यह बहुत कम शोर पैदा करती है। उन्होंने दावा किया है कि इस चिप से सिग्नल की क्वालिटी में 20 प्रतिशत तक का सुधार आएगा। यानी अब आपके फोन, कार या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में डेटा का आदान-प्रदान और भी साफ-सुथरा होगा।
रिंग वीसीओ : यह भी नॉयस को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
न्यूरोन सर्किट : यह मानव मस्तिष्क के सर्किट जैसे कार्यान्वयन पर आधारित है। जो इंसानी दिमाग के सर्किट जैसा काम करता है। यह वैज्ञानिक रूप से एक बड़ी सफलता है। भविष्य में यह सर्किट तेज और स्मार्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वाले उपकरण बनाने में मदद कर सकता है।
बैंड गैप रेफरेंस - टीम ने चिप के अंदर एक खास सर्किट बैंड गैप रेफरेंस बनाया है। इसका काम हमेशा एक समान वोल्टेज देना है। इस सर्किट ने बिजली सप्लाई के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में 13 से 14 प्रतिशत तक का सुधार दिखाया है। यानी, तापमान बदलने या बैटरी कम होने पर भी आपके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अत्यधिक स्थिरता के साथ काम करेंगे और अचानक खराब होने का खतरा कम हो जाएगा।