लालड़ू। गांव भुक्खड़ी की 26 वर्षीय विवाहिता की डिलीवरी से पहले ही तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। उसके गर्भ में पल रही नौ माह की बच्ची की भी मौत हो गई। हालांकि विवाहिता की यह पहली डिलीवरी थी परंतु मामले को संदिग्ध मानते हुए तीन डॉक्टर्स के बोर्ड ने जच्चा-बच्चा का पोस्टमार्टम किया। फिलहाल, हंडेसरा पुलिस ने बीएनएस 193 के तहत कार्रवाई की है।
जानकारी मुताबिक गांव भुक्खड़ी की सिमरन पुत्री राजिंदर सिंह का करीब दो साल पहले दुर्गयाणा कालोनी बब्याल जिला अंबाला के दविंदर सिंह के साथ विवाह हुआ था। वह डिलीवरी के लिए अपने मायके भुक्खड़ी आई थी। नौ माह पूरे होने पर डिलीवरी की डेट के चलते उसे मंगलवार को परिवार वाले बरवाला के प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गए। वहां दवाई के बाद बीपी नॉर्मल हो गया परंतु कुछ देर बाद तबीयत फिर बिगड़ने पर सिमरन को पंचकूला के सरकारी अस्पताल ले लाया गया। वहां सांस लेने में दिक्कत होने के चलते सिमरन ने दम तोड़ दिया। पंचकूला अस्पताल वालों ने भी सिमरन के पति समेत ससुराल पक्ष से मामले की पूरी तहकीकात की।
बाद में बॉडी को डेराबस्सी सिविल अस्पताल लाया गया। पंचकूला के डॉक्टर्स ने जारी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले की तह तक जाने के लिए तीन डॉक्टर्स का बोर्ड बनाया। गर्भ में नौ महीने की बच्ची थी। दोनों के शवों का पोस्टमार्टम किया गया। इसमें बाद शव भुक्खड़ी में सिमरन के परिजनों को सौंप दिया गया। हंडेसरा पुलिस के जांच अधिकारी गौरव शर्मा के अनुसार सिमरन के पिता राजिंदर सिंह के बयान पर पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कोई बनती कार्रवाई की जाएगी।