मोहाली। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 21138 मामलों का निपटारा किया गया। इस मौके पर कुल 2,01,61,61,712/-रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए। लोक अदालत में 23469 मामले निपटारे के लिए रखे गए थे। यह लोक अदालत आपराधिक, चेक बाउंस, बैंक वसूली, वैवाहिक विवादों, एमएसीटी, श्रम विवादों, भूमि अधिग्रहण, बिजली एवं पानी के बिल, राजस्व विभाग से संबंधित और सभी तरह के दीवानी के निपटारे के लिए आरक्षित थी।
यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुरभि पाराशर ने दी। पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं प्रशासनिक न्यायाधीश सत्र खंड मोहाली न्यायमूर्ति महावीर सिंह सिंधु के संरक्षण में और जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल कसाना के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जिला न्यायालय मोहाली में 17 बेंचों का गठन किया गया था।
जिले की सभी अदालतों ने करवाया निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए मोहाली, डेराबस्सी और खरड़ की सभी अदालतों ने सुलह के आधार पर निपटान के लिए अधिकतम मामले रखे। जिला एवं उपमंडल की सभी अदालतों ने विभिन्न पक्षों की सहमति से राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौते के लिए मामले रखे और उनका निपटारा करवाया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एसएएस नगर अतुल कसाना ने समय-समय पर विभिन्न बैठकें बुलाईं। इसमें सभी न्यायाधीशों को राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निपटारा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इनकी देखरेख में हुआ आयोजन
इसकी अध्यक्षता अध्यक्षता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरदीप सिंह, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नितिका वर्मा, प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट जरनैल सिंह, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरसिमरनजीत सिंह, अतिरिक्त प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट अमनप्रीत सिंह, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश आहलूवालिया, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अनीश गोयल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मेघा धालीवाल, अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन) मनप्रीत कौर, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अभय राजन शुक्ला, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) किरणदीप सिंह, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) संगम कौशल, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) गुरलीन कौर, पीठासीन अधिकारी औद्योगिक न्यायाधिकरण कमल वरिंदर, चेयरपर्सन स्थायी लोक अदालत (सार्वजनिक उपयोगिता सेवाएं) गुरमीत कौर, तहसीलदार और नायब तहसीलदार बनूड़ ने की।
डेराबस्सी में बनाए सात बेंच
इसके अलावा सब-डिवीजन डेराबस्सी में नवरीत कौर, अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन) गुरप्रीत कौर, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परनीत कौर, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) जैस्मीन, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) डॉफिन घोत्रा, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अमित गुप्ता, एसडीएम और तहसीलदार डेराबस्सी के नेतृत्व में खरड़ में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) श्वेता दास, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) गुरमेहताब सिंह, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) तनवीर सिंह, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) चाहत छाबड़ा, नायब तहसीलदार खरड़ और नायब तहसीलदार माजरी के नेतृत्व में सात बेंचों का गठन किया गया।