लालड़ू में लावारिस पशुओं ने किसानों की नींद उड़ाई करनी पड़ रही खेतों की रखवाली
लोगों कई बार लगाई प्रशासन से इन पशुओं से निजात दिलाने की गुहारए नहीं हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
लालड़ू। शहर में घूम रहे लावारिस पशु किसानों के साथ-साथ आम लोगों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। ये पशु किसानों की फसल उजाड़ रहे हैं। इस कारण किसान को फसल बचाने के लिए दिन-रात खेतों की रखवाली करनी पड़ रही हैं। वहीं ये मवेशी हादसों का कारण भी बन रहे हैं। बता दें कि गांव मगरा में 25 एकड़ में बनी सरकारी गोशाला और एक अन्य गोशाला मौजूद है। फिर भी स्थानीय निवासी कई वर्षों से लावारिस पशुओं से परेशान हैं। स्थानीय लोगों की ओर से बहुत बार प्रशासन सहित नगर काउंसिल लालड़ू से गुहार लगाने और शिकायतें देने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
स्थानीय किसान उदय राणा, उत्तम राणा, प्रेम राणा, पूर्व सरपंच गुरविंदर सिंह हसनपुर, मलकीत सिंह मलकपुर, बलजीत सिंह धरमगढ़, जतिंदर कुमार, राजिंदर सिंह, सतनाम सिंह सहित किसानों ने बताया कि इलाके में बड़ी संख्या में लावारिस पशु घूम रहे हैं। जो खेतों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। उन्हें फसलों की रखवाली करने के लिए कड़ाके की ठंड में दिन-रात खेतों में रहना पड़ रहा है। जिस वजह से उनकी कृषि चौपट हो रही है और उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लावारिस पशु हादसों का कारण भी बन रहे हैं। जिससे बहुत से लोग जख्मी और कई लोगों की जानें भी जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि अंबाला चंडीगढ़ हाईवे पर गुजरते वाहनों के लिए भी मुसीबत बने हुए हैं। स्थानीय निवासी बार-बार इस समस्या को प्रशासन के ध्यान में ला चुके हैं, लेकिन अधिकारियों से हर बार आश्वासन ही मिला है लेकिन समस्या आज भी वैसे ही बनी हुई है।
किसानों का आरोप है कि जब वे अपने स्तर पर लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशाला में छोड़ने के लिए ले जाते हैं तो वह पशुओं को लेने से मना कर देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि लालड़ू में बनी गोशाला में दुधारू पशुओं को रखा जा रहा है, लेकिन जो दूध नहीं देते उन्हें गोशाला से बाहर कर दिया जाता है। इन पशुओं के कारण किसानों की कृषि चौपट हो रही है। किसानों ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि उन्हें लावारिस पशुओं से जल्द से जल्द छुटकारा दिलवाया जाए ताकि भविष्य में उनकी फसल को नुकसान न हो।
जब इस संबंध में नगर काउंसिल लालड़ू का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे कार्यकारिणी अधिकारी अशोक पथरिया से बार-बार संपर्क करने के लिए फोन किया तो उन्होंने नहीं उठाया। वहीं इस संबंधी नगर काउंसिल लालड़ू के जेई हरभजन सिंह से बात करने पर उन्होंने कहा कि घूम रहे संरक्षित पशुओं को जल्द ही पकड़कर गोशाला में छोड़ा जाएगा।