मोहाली। नगर निगम ने शहर के सभी 50 वार्डों में हाईमास्ट लाइटें लगाने की योजना बनाई है। इस परियोजना पर साढ़े सात करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निगम का लक्ष्य अगले तीन महीनों के भीतर यह कार्य पूरा करना है। इससे शहर में बेहतर रोशनी व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। यह पहल शहर में सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। हाई मास्टलाइटें प्रमुख चौक-चौराहों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और अंधेरे वाले क्षेत्रों को रोशन करेंगी।
अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न वार्डों से लंबे समय से पर्याप्त रोशनी की मांग उठ रही थी। कई स्थानों पर सामान्य स्ट्रीट लाइटें पर्याप्त प्रकाश नहीं दे पा रही थीं। इससे लोगों को रात के समय आवाजाही में परेशानी होती थी। नई हाईमास्ट लाइटें बड़े क्षेत्र में एक साथ रोशनी उपलब्ध कराएंगी। यह अंधेरे वाले स्थानों की समस्या को काफी हद तक दूर करेगी। नगर निगम में नई टीम के गठन के बाद विकास कार्यों में तेजी आई है। आगामी चुनावों को देखते हुए आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निगम का मानना है कि बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग से शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी।
परियोजना का विवरण
नगर निगम सर्वेक्षण के आधार पर उन स्थानों की पहचान कर रहा है जहां हाईमास्ट लाइटों की सबसे अधिक आवश्यकता है। परियोजना के तहत प्रमुख सड़कों, बाजारों, पार्कों और सामुदायिक केंद्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक वार्ड में दो से तीन हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी। एक हाईमास्ट पोल पर करीब छह एलईडी लाइटें होंगी। ये लाइटें वार्डों की ए और बी सड़क, मुख्य सड़कों और टी-प्वाइंट जैसे प्रमुख स्थानों पर लगेंगी।
सुरक्षा और सुविधा में वृद्धि
एक हाईमास्ट लाइट सामान्य स्ट्रीट लाइटों की तुलना में बड़े क्षेत्र को रोशन करती है। इससे रात के समय महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा बढ़ेगी। चोरी, लूटपाट और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। स्थानीय निवासियों ने इस पहल का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इससे रात के समय आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।
शहर के सभी 50 वार्डों में जरूरत के अनुसार हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके पूरे होते ही इस पर काम भी शुरू कर दिया जाएगा। इन लाइटों के लगने से लोगों को बेहतर रोशनी और सुरक्षित माहौल मिलेगा। - तजिंदर सिंह, एसीई इलेक्ट्रीकल, नगर निगम