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मोहाली में पौने घंटे की आंधी में 200 से अधिक पेड़, 100 खंभे, 8 ट्रांसफार्मर और 50 वाहनों को पहुंचा नुकसान

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मोहाली। शनिवार की रात आई पौने घंटे की आंधी और बारिश ने वीआईपी शहर में जगह-जगह तबाही मचा दी है। आंधी इतनी तेज थी कि करीब 200 से ज्यादा पेड़ उखड़ कर गिर गए। इतना ही नहीं इन पेड़ों ने गिरने से करीब 50 कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और करीब 100 बिजली के खंभों और 8 ट्रांसफार्मरों को भी भारी नुकसान पहुंचा। जिससे शहर में कई इलाकों में करीब 16 घंटे बिजली प्रभावित रही। इस कारण रविवार सुबह लोग बिजली और पानी के लिए तरस गए। इसके अलावा कई लोगों के घरों पर रखी पानी की टंकियां, सोलर पैनल और छतों को नुकसान पहुंचा है। बाजारों में दुकानों के साइन बोर्ड तक टूट गए। हालांकि रात्रि कर्फ्यू की वजह से आवाजाही बंद रही। इस वजह से जानी नुकसान होने से बचाव हो गया। कई इलाकों में रविवार शाम 5 बजे तक बिजली की सप्लाई बहाल हुई। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
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जानकारी के मुताबिक शनिवार रात करीब दस बजे तेज आंधी और बारिश शुरू हुई थी। इसके बाद शहर भर में जगह-जगह नुकसान हुआ, पूरी रात लोगों ने जागकर काटी। क्योंकि बिजली गुल हो गई थी। इसके अलावा इन्वर्टर तक जवाब दे गए। बिजली के स्थानीय हेल्पलाइन नंबर से लेकर सूबा स्तरीय नंबर तक नहीं चल रहे थे। जबकि सुबह लाइट न होने के चलले पानी की सप्लाई तक ठप हो गई।
हालांकि सुबह 7 बजे से नगर निगम के मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू, निगम कमिश्नर कमल कुमार गर्ग और डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने मोर्चा संभालते हुए शहर में हुए नुकसान का जायजा लिया। इसके बात तुरंत प्रूनिंग मशीनें लगाकर गिरे पेड़ों को हटाने की कार्रवाई की गई। साथ ही सड़कों से पेड़ हटाकर सभी एरिया को आवाजाही के लिए खुलवाया। इस दौरान सभी 50 वार्डों में पेड़ों, खंभों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है। सभी इलाकों में नए और पुराने पार्षद अपने स्तर पर डटे रहे। फेज 3बी1 के कनाल हाउस में लोगों के घरों के आगे पड़े गिरने से बिजली के खंभे टूटे और तारें लोगों के घर के आगे पड़ी रही। फेज-9 की मार्केट की एंट्री प्वाइंट पर पेड़ गिरने से एक साइड का रास्ता हुआ बंद। यह रास्ता रिहायशी इलाके को जाता है। फेज -5 में बी रोड पर पेड़ गिरने से तारें टूटी और बिजली के खंबे टूटे और बिजली भी प्रभावित हुई।
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वहीं, हरि मंदिर में लगा सोलर सिस्टम आंधी में हरियावल पंजाब की नर्सरी पर जाकर गिरा। जिससे सिस्टम को और पौधों को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कई पेड़ वाहनों पर गिर गए। इलाके की पार्षद बलजीत कौर खुद सक्रिय रही। फेज 7 में किसानों के हक में लगाया गया टैंट तक गिर गया। फेज-7 की लाइटों पर बड़ा और पुराना पेड़ जड़ से उखड़ कर सिंगल स्टोरी बेशॉप की छत पर गिरा।
फेज-6 में लोगों के घरों के आगे खड़ी कारों पर गिरी पेड़ की टाहनियों से नुक्सान हुआ और बिजली की तारें भी टूटी। सन्नी एनक्लेव में बिजली के खंभे कारों पर गिरे और घरों के आगे पेड़ तारों पर गिरने से बिजली गुल रही। सेक्टर 70 में भी बिजली की तारों पर पेड़ गिरने से सप्लाई प्रभावित हुई।
इंडस्ट्रियल एरिया में गिरे पेडों को हटाने पहुंची क्रेन पलटी
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-7 और 8 की सड़क पर एक फैक्ट्री में लगे पेड़ गिरने से दीवार टूटी और सड़क पर आवाजाही बंद रही। इसके बाद क्रेन बुलाकर पेड़ हो हटाने का काम शुरू किया गया। इस दौरान पेड़ हटाते हुए क्रेन ही पलट गई। दूसरी क्रेन को बुलाकर पलटी हुई क्रेन उठाई और पेड़ों को हटाकर रास्ता खाली करवा आवाजाही शुरू करवाई।
वहीं तेज आंधी से इलाके के पार्कों और घरों में लगाए पौधों और बगीचों को भी नुकसान पहुंचा है। आंधी इतनी तेज थी कि गार्डन में लगे फूल-पौधे पूरी तरह टूट गए। कई लोगों के घरों में लीची और आम के पेड़ गिर गए।
नगर निगम और पावरकॉम की टीमें सुबह से जुटी रहीं।
इलाके के डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने बताया कि अचानक आई आंधी से इलाके में काफी नुकसान हुआ है। नगर निगम और पावरकॉम बिकी टीमें स्थिति सुधारने में पूरा दिन जुटीं रहीं। मेयर से लेकर सभी अधिकारी फील्ड में थे। दोपहर तक काफी हद तक स्थिति बहाल कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं थी ऐसे आंधी आएगी और नुकसान होगा।
निर्धारित समय विभाग करे इंतजाम
वहीं, आजाद ग्रुप की नेता एवं वार्ड नंबर-50 की पार्षद गुरमीत कौर ने बताया कि बिजली विभाग और हार्टिकल्चर में बिल्कुल तालमेल नहीं है। इस वजह से करीब 12 से 15 घंटे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी है। अगर समय पर पेड़ों की प्रूनिंग की जाए तो यह दिक्कत नहीं आती। उन्होंने बताया कि तूफान तेज या धीमा हो हर बार लोगों को की परेशानी होती है और नुकसान उठाना पड़ता है। आपात समय में पानी की सप्लाई बंद हो, इसके लिए ट्यूबवेल पर पावर बैकअप का इंतजाम करना चाहिए। मोहाली वर्ल्ड क्लास शहर है। उसी हिसाब से यहां तैयारियां रहनी चाहिए।
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