मोहाली। नगर निगम मोहाली की वार्डबंदी का नया स्वरूप कैसा होगा। सोमवार को इसकी स्थिति काफी हद तक साफ हो जाएगी। क्योंकि स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से वार्डबंदी बोर्ड की बैठक बुला ली गई है। बैठक चंडीगढ़ स्थित डायरेक्टर भवन में दोपहर तीन बजे होगी।
नगर निगम के कमिश्नर कमल कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 24 अगस्त को बैठक बुलाई गई है जिसमें नगर निगम की प्रस्तावित वार्डबंदी पर चर्चा होगी। इसके बाद विभाग के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक जीकरपुर की वार्डबंदी का मामला हाईकोर्ट में पहुंच जाने के बाद मोहाली नगर निगम की वार्डबंदी को लेकर निकाय विभाग भी काफी गंभीर हो गया है। विभाग कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहता है कि जिसके चलते बाद में परेशानी उठानी पड़े। इस बैठक में वार्डबंदी का काम मुकम्मल हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके बाद इस संबंधी नक्शा जारी होना है जिसके बाद लोगों से एतराज मांगे जाएंगे।
हालांकि इस मामले में अकाली दल और बीजेपी के नेता पहले ही साफ कर चुके हैं कि यदि वार्डबंदी करते समय उनके वार्डों में बेवजह काटछांट की गई, तो वे उसे कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। जरूरत पड़ी तो मामले को अदालत में लेकर जाने से भी नहीं कतराएंगे। जिक्रयोग है कि मोहाली नगर निगम का कार्यकाल अप्रैल महीने में खत्म हो गया था लेकिन कोविड के चलते यह काम लटकता ही जा रहा है। सरकार ने अक्तूबर में चुनाव करवाने की प्लानिंग भी की है जबकि जानकारों के अनुसार जिस हिसाब से कोविड का कहर चल रहा है उससे नहीं लग रहा है कि चुनाव जल्दी हो पाएंगे।
पहले सात दिन में वार्डबंदी करने का लिया था फैसला
जानकारी के मुताबिक नगर निगम मोहाली की वार्डबंदी का काम गत एक महीने से चल रहा है। इस संबंधी स्थानीय निकाय की तरफ से 24 जुलाई को नगर निगम के कमिश्नर को पत्र लिखा गया था। इसमें नगर निगम को हिदायत दी गई थी कि 30 जुलाई तक वार्डबंदी का काम पूरा कर इसे निकाय विभाग के दफ्तर में भेजा जाए। हालांकि बाद में कई विभागों से इस संबंध में जानकारी मांगी गई थी जिसके बाद यह काम लटक गया था।
बोर्ड गठित कर मंत्री का भाई बनाया गैर सरकारी सदस्य
दूसरी तरफ से स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से 31 जुलाई को नगर निगम की तरफ से वार्डबंदी के काम को करने के लिए एक बोर्ड का गठन किया गया था। इसमें स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर के अलावा जिले के डीसी, नगर निगम के कमिश्नर, हलका विधायक, स्थानीय निकाय विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अर्बन, नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर के अलावा गैर सरकारी सदस्यों के रूप में कुलजीत सिंह बेदी व अमजीत सिंह सिद्धू को गैर सरकारी सदस्य बनाया गया था। अमरजीत सिंह सिद्धू सेहत मंत्री के भाई हैं। ऐसे में उनका विरोध भी हुआ था।
कोई नया क्षेत्र नहीं होगा शामिल
जानकारी के मुताबिक नगर निगम की तरफ से इस बार वार्डबंदी में नए विकसित हुए शहरी क्षेत्र को शामिल नहीं किया गया। हालांकि वार्डों को ही बराबर करने का प्रयास किया गया है। पता चला है कि 2500 से 3500 के करीब एक वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा कई अन्य चीजों पर काम किया जा रहा है। हालांकि इस बार 25 वार्ड महिलाओं के लिए रिजर्व रहेंगे। बता दें कि गत समय में अकाली दल व बीजेपी वालों का मेयर था जबकि कांग्रेस विपक्ष में थी।