पंजाब के हाइटेक सिटी मोहाली का रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। हाल यह है कि स्टेशन की सुरक्षा के लिए कोई बंदोबस्त नहीं है। यहां प्रधानमंत्री मोदी का सफाई अभियान भी फेल नजर आता है। सुंदरता के नाम पर लगाई गई ग्रीन बेल्ट भी बदहाल है। यही नहीं जिस महान हस्ती के नाम पर स्टेशन का नाम रखा गया है उसका मेन गेट पर बोर्ड ही गायब है।
गौरतलब है कि मोहाली रेलवे स्टेशन का नाम शाहिबजादा शहीद अजीत सिंह के नाम पर है। हालांकि, रेलवे ने स्टेशन पर विशालकाय बोर्ड लगाया है, लेकिन उसमें जंग लग चुकी है। इस कारण स्टेशन का नाम भी सही प्रकार से पढ़ने में नहीं आता है। अमर उजाला की टीम ने जब रेलवे स्टेशन का रियल्टी चेक किया तो हालात काफी बदतर नजर आए। रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर भी कुछ नहीं है। स्टेशन अधीक्षक दमनजीत सिंह ने बताया कि यहां जीआरपी और आरपीएफ की थाना-चौकी नहीं है। उन्होंने बताया कि कभी-कभार जीआरपी खरड़ से कर्मचारी आते हैं। जबकि मोहाली के स्टेशन का आरपीएफ थाना चंडीगढ़ में है। ऐसे में स्टेशन पर यात्री नहीं, बल्कि खुद रेलवे मुलाजिमों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।
स्टेशन की अप्रोच रोड पर नहीं है स्ट्रीट लाइटें
यात्रियों और रेलवे कर्मियों का कहना है कि रात के समय स्टेशन पर आते-जाते डर लगता है। स्टेशन पर आने वाली अप्रोच रोड पर स्ट्रीट लाइटें तक नहीं हैं। रात के समय स्टेशन के बाहर अंधेरा रहता है।
एंट्री गेट पर कांग्रेस घास का राज
स्टेशन के मेन गेट के सामने राउंड ग्रीन बेल्ट है, जोकि बदहाल है। स्टेशन के एंट्री गेट के दोनों ओर बाहर की तरफ कांग्रेस घास का राज है। रेलवे प्लेटफार्म पर जहां तक यात्रियों के बैठने के लिए शेड लगे हैं, सफाई सिर्फ वहीं तक है। जबकि शेड से बाहर प्लेटफार्म पर जंगली घास, कांग्रेस घास और गंदगी पड़ी है। इनमें ज्यादातर वह गंदगी है जो प्लेटफार्म की नालियां साफ करके निकाली गई। इसके बाद इस गंदगी को उठाया नहीं गया है।
स्टेशन से कहां गया उखड़ा हुआ ग्रेनाइट पत्थर
प्लेटफार्म नंबर दो को दर्शाने वाला ग्लोसाइन बोर्ड लटक कर टेढ़ा हो चुका है। प्लेटफार्म पर एंट्री गेट पर लगे पत्थर उखड़ चुके हैं। कंकरीट के पिलर पर लगाए गए ग्रेनाइनट पत्थर निकल चुके हैं।
साइकिल, बाइक और कार स्टैंड नहीं
अगर कोई यात्री रेलवे स्टेशन पर अपना वाहन खड़ा कर जाना चाहता है तो यहां पार्किंग की व्यवस्था तक नहीं है। इस स्टेशन पर जनशताब्दी सहित कई महत्वपूर्ण गाड़ियों का ठहराव होता है। हैरत की बात है यह है कि पंजाब के सबसे हाइटेक शहर माने जाने वाले मोहाली के रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का अभाव है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक स्टेशन पर साइकिल, मोटर साइकिल और कार स्टैंड तक नहीं है।
स्टेशन की कुर्की के आदेश की वजह से चर्चा में
यह वही स्टेशन है जिसकी कुर्की के आर्डर एक दिन पहले कोर्ट कर चुका है। जिक्रयोग है कि जिन किसानों की भूमि अधिग्रहण करके मोहाली रेलवे स्टेशन बनाय गया था। किसानों को मुआवजे की बढ़ी राशि नहीं मिलने पर कोर्ट यह आदेश दिया है।