पिछले साल नौ मई को पंजाब पुलिस मुख्यालय पर आरपीजी हमला करने के आरोप में पकड़े गए आरोपियों में से लॉरेंस गैंग से जुड़े शूटर दीपक रंगा का पुलिस ने गेट एनालिसिस टेस्ट करवाया है। उसे एनआईए ने गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) से पकड़ा था। मोहाली का यह पहला ऐसा मामला है जिसमें अब दूसरे आरोपी का गेट टेस्ट करवाया गया है।
गेट इस टेस्ट से आरोपी के चलने, दौड़ने और उसके शरीर की मूवमेंट का पता लगाया जाता है। इसके बाद इसका सीसीटीवी से मिलान किया जाता है। इससे पहले इस हमले में शामिल एक आरोपी दिव्यांशु का भी पुलिस ने गेट टेस्ट करवाया था।
सूत्रों से पता चला है कि पुलिस ट्रायल के दौरान पर्याप्त सबूतों के जरिए इस हमले में पकड़े आरोपियों की भूमिका साबित करना चाहती है, इसलिए पुलिस यह टेस्ट करवाकर इसकी मदद से आरोपियों को सजा दिलाना चाहती है।
सूत्रों से यह भी पता चला है कि पुलिस इस मामले में दीपक, गुरपिंदर उर्फ पिंदू और निशान सिंह सहित चार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूरे क्राइम सीन को रिक्रिएट कर चुकी है। इसके अलावा पुलिस अब उस व्यक्ति के बारे में अहम सुराग हासिल करने की उम्मीद कर रही है जिसने कथित तौर पर दीपक और दिव्यांशु को आरपीजी हमला शुरू करने से पहले जगह की रेकी करने में मदद की थी।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार उन्हें इस हमले में एक स्थानीय व्यक्ति की संलिप्तता का संदेह है। उसने दिव्यांशु और दीपक दोनों को हमले से पहले रेकी करने में मदद की। इस रेकी के बाद दोनों आरोपियों ने खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी फायर किया। इलाके के एक सीसीटीवी कैमरे में किशोर, दीपक और अज्ञात चालक सहित कुल तीन व्यक्ति बाइक पर रेकी करते हुए कैद हो गए हैं। अब अज्ञात चालक के बारे में सुराग मिलने की उम्मीद है जबकि दिव्यांशु के पास से बाइक भी बरामद कर ली गई है।