पंजाब सरकार की ओर से गैंगस्टरों के खिलाफ शुरू की गई मुहिम के तहत डेराबस्सी पुलिस ने नामी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के दो गुर्गों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितिश कुमार उर्फ निक्कू राणा निवासी लालड़ू और गुरकीरत सिंह निवासी डेराबस्सी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों से 2 पिस्तौल, 5 कारतूस और एक बोलेरो बरामद की है।
प्रेसवार्ता में डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कुछ दिनों पहले डेराबस्सी में इमिग्रेशन सेंटर पर हुई गोलीबारी में भी शामिल थे। पुलिस ने मामले के 24 घंटे के अंदर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उन आरोपियों के खुलासे से पता चला कि अपराध में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सामान गैंगस्टर निक्कू राणा ने उपलब्ध कराए गए थे, जो जमानत पर बाहर है।
डीएसपी ने कहा कि आरोपी निक्कू राणा अपने विदेशी आकाओं गोल्डी बराड़ और सबा अमेरिका के संपर्क में था और उसने अपने एक अन्य साथी मंजीत उर्फ गुरी के साथ मिलकर अपने साथियों के माध्यम से गोलीबारी की वारदात की योजना बनाई थी। निक्कू और गुरकीरत ने ही दिल्ली से हथियार एकत्र किए जो मंजीत उर्फ गुरी और गैंगस्टर सचिन बंजा ने उपलब्ध कराए गए थे, जो वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद हैं। उन्होंने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग का सक्रिय सदस्य निक्कू राणा पहले भी कई अपराधों में शामिल रहा है।
उन्होंने बताया कि फरवरी 2023 में गोल्डी बराड़ के निर्देश पर दविंदर बंबीहा गिरोह से जुड़े एक प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाने के आरोप में राणा को गिरफ्तार किया गया था। बाद में नवंबर 2023 में जीरकपुर स्थित एक व्यवसायी की हत्या के प्रयास के लिए मंजीत उर्फ गुरी को हथियार उपलब्ध कराने में भी इसका हाथ था। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने वीआईपी रोड, जीरकपुर में एक ऑपरेशन में मंजीत उर्फ गुरी को गिरफ्तार करके इस योजना को विफल कर दिया था। डीएसपी ने कहा कि जांच से पता चला है कि गुरकीरत सिंह इमिग्रेशन ऑफिस पर गोलीबारी के लिए बैकअप शूटर के रूप में तैयार था।