मोहाली। गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के मई मामलों में प्रसव से ठीक पहले या तुरंत बाद मौत हो जाती है। ऐसी मौतों को रोकने के लिए सेहत विभाग पूरी रणनीति से जुट गया है। इसके मद्देनजर फेज-6 सिविल अस्पताल में कर्मचारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रसव के समय डॉक्टरों और संबंधित स्टाफ को महिलाओं का उचित इलाज करने के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यशाला को मेटर्नल डेथ सर्विलांस एंड रिस्पांस नाम दिया गया था। इसमें जिले के एसएमओ और एएनएम को शामिल किया गया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन ने कहा कि कई बार अलग-अलग कारणों से गर्भ के दौरान, डिलीवरी या डिलीवरी के कुछ समय बाद गर्भवती की मौत हो जाती है, जो कि सभी के लिए चिंता का विषय है। इसी चिंता को मुख्य रखते हुए यह कार्यशाला करवाई गई है। जिससे ऐसे मामलों में मौतों के कारणों की पहचान के लिए पड़ताल की जाए। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यशाला में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सबक लेना होगा। डॉ. आदर्श पाल कौर ने कहा कि सेहत विभाग के मुलाजिम पूरी ताकत लगाते हैं कि बच्चे और मां को बढ़िया सुविधाएं दी जाएं। इस काम में एमडीएसआर अहम भूमिका निभाएगा। प्रशिक्षण सत्र में मौजूद एएमओ ने अपने-अपने विचार प्रकट किए और सीनियर अधिकारियों के साथ सवाल-जवाब भी किए गए।