मोहाली नगर निगम के मेयर का चुनाव एक बार फिर टल गया है। पहले तय हुआ था कि आठ अप्रैल को सरकारी छुट्टी वाले दिन ही सारे पार्षद शपथ लेंगे। साथ ही नए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होगा।
इसी बीच डिवीजनल कमिश्नर की तरफ से इस बारे में पत्र जारी कर दिया गया। पत्र में कहा गया है कि सरकारी छुट्टी होने के चलते अब चुनाव प्रक्रिया 12 तारीख को दोपहर तीन बजे नगर निगम भवन में होगी। इससे पहले दो बार निगम चुनाव टल चुका है। मोहाली नगर निगम में पचास सीटों में इस बार 37 पर कांग्रेस का कब्जा है। 11 सीटें आजाद ग्रुप और दो सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीती है।
निगम में बहुमत हासिल कर चुकी कांग्रेस के भीतर ही मेयर पद को लेकर खींचतान चल रही है। एक तरफ जहां सेहत मंत्री के भाई एवं वार्ड नंबर-10 के पार्षद अमरजीत सिंह जीती सिद्धू का नाम सबसे आगे चल रहा है। वहीं, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं तीन बार निगम चुनाव जीत चुके रिशव जैन ने मेयर पद पर अपनी दावेदारी पेश की है। उनका कहना है कि उन्होंने यह दावा वरिष्ठता के आधार पर पेश किया है। इतना ही नहीं उनकी पत्नी भी लगातार चौथी बार जीती हैं। पार्टी हाईकमान जो भी फैसला लेगी वह उन्हें मंजूर होगा।
मोहाली नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस ने दस साल बाद शानदार तरीके से वापसी की है। निगम चुनाव में कांग्रेस ने 50 सीटों में 37 सीटों पर कब्जा किया है। 11 सीटें आजाद ग्रुप और दो सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीती हैं। शिरोमणि अकाली दल और भाजपा चुनाव में खाता तक नहीं खोल पाई है। चुनाव से पहले से कांग्रेस की तरफ से यह संकेत दिए जा रहे थे कि सेहत मंत्री के भाई अमरजीत सिंह जीती सिद्धू मेयर होंगे।
खरड़ और नयागांव नगर काउंसिल की सीटें आरक्षित
मोहाली की सात नगर काउंसिलों में से खरड़ और नयागांव के प्रधान पद महिलाओं समेत अनुसूचित जाति की महिला सदस्यों के लिए आरक्षित हैं। जबकि अन्य नगर काउंसिल किसी भी कैटेगरी में रिजर्व नहीं हैं। नयागांव में शिरोमणि अकाली का नया काउंसिल प्रधान बन सकता है। जबकि खरड़ में कांग्रेस और अकाली दल में जबरदस्त टक्कर है। अन्य नगर काउंसिलों पर कांग्रेस का कब्जा है।