शहर की सड़कों पर बिना स्कैरीफाई किए (पहले डाली गई प्रीमिक्स को उखाड़े बिना) नई प्रीमिक्स डालने का मामला अदालत पहुंच गया।
समाजसेवी अतुल शर्मा ने लोक अदालत में नगर निगम के खिलाफ अदालत के आदेशों की अवहेलना का केस दायर किया है। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम के अतिरिक्त कमिश्नर व कार्यकारी इंजीनियर को नोटिस जारी किया है। साथ ही दो जुलाई को जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है।
जानकारी के मुताबिक, इस संबंध में फेज-2 निवासी व सोच सेवा समिति के प्रमुख अतुल शर्मा ने कुछ समय पहले बाकायदा तौर पर इस संबंध में अदालत में केस दायर किया था। इसमें उन्होंने अदालत को बताया था कि पहले डाले गए प्रीमिक्स उखाड़े बिना नए प्रीमिक्स डाले जा रहे हैं।
इससे सड़कों का लेवल काफी ऊंचा हो गया। वहीं, इससे बरसात में लोगों के घरों में पानी भर जाता है। ऐसे में उन्होंने अदालत से मांग की थी कि निगम को आदेश दिए जाए कि सड़कों को स्कैरीफाई करने के बाद ही प्रीमिक्स डाला जाए। उन्होंने बताया कि इस मामले में नगर निगम के कमिश्नर ने अदालत ने लिखित तौर पर जवाब दिया था कि आगे से सड़कों को स्कैरीफाई करके ही प्रीमिक्स डाला जाएगा। कुछ समय पहले नगर निगम के मेयर व कमिश्नर ने सड़क के स्कैरीफाई करने के लिए मशीन खरीदने की बात कहीं थी। लेकिन, अब सड़कों पर नए सिरे से प्रीमिक्स डालने का काम शुरू हो चुका है।
वहंी, आने वाले समय में एक बार फिर बरसात में पानी भरने की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने कहा कि सड़कों को स्कैरीफाई कर प्रीमिक्स डालने के लिए उन्होंने कई बार निगम अधिकारियों को पत्र लिखे। पर किसी ने उनकी सुनवाई नहीं की गई। मजबूर होकर उन्हें अदालत की शरण में जाना पड़ा है।