मोहाली। अदालत ने थाना सदर खरड़ पुलिस के दो मुलाजिमों के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में केस दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश विजिलेंस ब्यूरो स्कवार्ड-1 मोहाली को दिए गए हैं। इन पर आरोप है कि नशा तस्करी के मामले में पकड़ी गई कार को सुपुरदारी पर छुड़ाने के लिए सदर खरड़ पुलिस के दो मुलाजिम एएसआई करनैल सिंह (आईओ) और अन्य पुलिस मुलाजिम जानबूझकर रिपोर्ट अदालत में पेश नहीं कर रहे थे और कार मालिक से 20 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे। कार मालिक सुखमीत सिंह ने पुलिस मुलाजिमों से रिश्वत की कॉल डिटेल कोर्ट में पेश की है। इसके आधार पर अदालत ने दोनों पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दिया है। वहीं, अदालत ने कहा है कि याचिकाकर्ता सुखमीत सिंह का नशे के आरोपी हरप्रीत सिंह के साथ मिलीभगत दर्शाने के लिए कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है।सुपुरदारी पर कार उसके मालिक को देने के लिए आईओ को लगातार तीन मौके दिए गए थे। लेकिन कार मालिक को आईओ ने रिपोर्ट ही नहीं दी। अदालत ने कहा कि आईओ जानबूझकर रिपोर्ट पेश नहीं दे रहा था, ताकि पटीशन के निपटारे में देरी की जा सके। अदालत ने सख्त निर्देश दिए है कि सुखमीत सिंह की कार तुरंत सुपुरदारी पर छोड़ी जाए।
दरअसल, याचिकाकर्ता सुखमीत सिंह ने अदालत में याचिका दायर कर सदर खरड़ थाने में तैनात एएसआई करनैल सिंह व एक अन्य पुलिस मुलाजिम पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे। सुखमीत सिंह का अदालत में अलग बयान दर्ज किया है जिसमें उसने अपने टेलीफोन पर रिकार्ड की बातचीत को पेन ड्राइव में डालकर रिकार्ड के तौर पर पेश किया है। 16 अक्टूबर 2023 को थाना सदर खरड़ पुलिस ने हरप्रीत सिंह को नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था जिसकी उसे कोई जानकारी नहीं थी।
17 अक्टूबर को एएसआई करनैल सिंह (आईओ) ने उसे अपने मोबाइल फोन पर सूचित किया कि उसकी कार तस्करी के धंधे में शामिल है और नशीले पदार्थों की बरामदगी के समय आरोपी हरप्रीत सिंह उक्त कार को चला रहा था। उन्होंने कार के मालिक के तौर पर दस्तावेज को सौंप दिए। 17 अक्तूबर को उसे पुलिस मुलाजिम का फोन आया उसने उससे एक लाख की रिश्तव मांगी। सुखमीत ने कहा कि वह उस पुलिस मुलाजिम को नहीं जानता। उसके बाद एएसआई करनैल सिंह (आईओ) भी उसकी कार की सुपुरदारी संबंधी रिपोर्ट पेश नहीं कर रहा है और उससे 10 हजार रुपये केस खर्च और 10 हजार रुपये अदालत में इस केस में सुपुरदारी रिपोर्ट पेश करने के लिए रिश्वत मांगी जा रही है। उसने सबूत के तौर पर उनकी आपस में हुई बातचीत की रिकार्डिंग अदालत में पेश की है। उसने अदालत से दोनों पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी जिस पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।