मोहाली। शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए अब नगर निगम ने ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू और डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी खुद सड़कों पर उतर गए। उन्होंने खुद सारी स्थिति का जायजा लिया। जिसके बाद 40 पशुओं को पकड़कर नगर निगम की गोशाला में भेजा गया। नगर निगम के मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने बताया कि उन्हें लगातार लावारिस पशुओं को लेकर शिकायतें मिल रही थी। जिसके बाद उन्होंने लावारिस पशुओं को पकड़ने का ठेका दिया। उन्होंने बताया कि जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक शहर में लावारिस पशुओं की समस्या गंभीर है। किसी भी सड़क या चौराहे पर पशु देखे जा सकते हैं। इसकी वजह से जहां सड़क हादसे होते हैं। वहीं, शहर की सुंदरता पर ग्रहण लगता है। जिसके बाद नगर निगम की टीम ने पशुओं को पकड़ने का ठेका दिया है। कंपनी को प्रति पशु 1500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
इस अवसर पर मेयर ने ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए कि लावारिस पशुओं को पकड़ने के कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मेयर ने कहा कि इसके अलावा बलौंगी में एक गोशाला स्थापित की गई है। पहले मवेशी मोहाली की गोशाला में जाएंगे तो मवेशियों को बालौंगी की गोशाला में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
लगेगा जुर्माना, बक्शा नहीं जाएगा
शहर में अपने पालतू जानवरों को छोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और किसी को भी नहीं बक्शा जाएगा। मेयर ने कहा कि जल्द ही मोहाली शहर को पशु मुक्त शहर बनाया जाएगा। डिप्टी कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए लंबे समय से दावे किए जाते रहें। लेकिन इस बार यह दावा हकीकत में बदलेगा। उन्होंने बताया कि पशुओं को पकड़ने की एक उचित तरीके से ड्राइव चलाई जाएगी। पहले चरण में सारी सड़कों को कवर किया जाएगा। साथ ही पशुओं की टैगिंग करवाई जाएगी और सभी पशुओं का एक नंबर रहेगा, ताकि पकड़े गए पशुुओं की पड़ताल की जा सके।