जीरकपुर। शहर की बड़ी रिहायशी सोसाइटियों में शामिल माया गार्डन सिटी इन दिनों मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर चर्चा में है। करीब 1667 फ्लैट्स और 47 ब्लॉक्स वाली इस सोसाइटी में पांच हजार से अधिक परिवार रहते हैं, लेकिन निवासियों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च कर घर खरीदने और समय पर मेंटेनेंस देने के बावजूद उन्हें जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सोसाइटी के निवासी कोमल, अनिल गुप्ता, विनय, मोहित, अरुण, दीक्षा और संजीव सचदेवा ने बताया कि यहां रोजमर्रा की जिंदगी कई परेशानियों के बीच गुजर रही है। लोगों का कहना है कि लिफ्टों की समय पर मरम्मत नहीं होती, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ती है।
कई बार लिफ्ट खराब होने के कारण लोगों को ऊंची मंजिलों तक सीढ़ियों से जाना पड़ता है। निवासियों ने बताया कि पानी की सप्लाई भी बड़ी समस्या बनी हुई है। कई बार पानी खत्म हो जाने पर लोगों को खुद फोन कर टंकियां भरवानी पड़ती हैं। वहीं दूसरी तरफ पानी भर जाने के बाद टंकियों से रातभर पानी ओवरफ्लो होकर बहता रहता है, जिससे पानी की बर्बादी के साथ गंदगी भी फैलती है। लोगों का आरोप है कि सोसाइटी का बिजली सिस्टम भी कमजोर है और बढ़ते लोड को संभाल नहीं पा रहा। आए दिन बिजली से जुड़ी खराबियां सामने आती रहती हैं। कभी वोल्टेज की समस्या तो कभी बिजली ट्रिप होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
गर्मी के मौसम में यह दिक्कत और बढ़ जाती है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। निवासियों का कहना है कि सोसाइटी में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। खासकर महिलाओं को देर रात आने-जाने में असुरक्षा महसूस होती है। लोगों ने आरोप लगाया कि आरडब्ल्यूए को कई बार शिकायत देने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। निवासियों का कहना है कि रोजमर्रा की इन समस्याओं ने सोसाइटी की जीवनशैली को प्रभावित कर दिया है। लोगों ने मांग की है कि आरडब्ल्यूए जल्द सभी व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि उन्हें सुरक्षित और बेहतर माहौल मिल सके।
कोट
कोई समस्या नहीं है। कभी-कभार लाइट की दिक्कत होती है तो उसे तत्काल ठीक करा दिया जाता है। -नरेश दहिया, आरडब्ल्यूए