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Mohali News: दोस्त के डाक्यूमेंट लेकर फीर्ज कागजात के जरिये बैंक से लिया लोन, मामला दर्ज

Sat, 25 Jan 2025 01:04 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
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दोस्त के पास रिकवरी वाले पहुंचे तो हुआ खुलासा, बिना लोन लिए बैंक का बन गया डिफाल्टर
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। दोस्त का बैंक लोन करवाने के नाम पर लिए आधार कार्ड व पैन कार्ड पर अपनी फोटो टैंपर करवाकर जाली दस्तावेजों तैयार कर एक युवक ने इंडसइंड बैंक से एक्टिवा फाइनांस करवा ली। एक्टिवा की किश्तें न भरने पर जब बैंक रिकवरी वाले असल दस्तावेज के मालिक के पास पहुंचे तब पता चला कि उसके नाम से उसके दोस्त ने एक्टिवा फाइनेंस करवाई है और बैंक की किश्तें न भरने से उसका सिबिल स्काेर खराब हो चुका है।
बैंक उसे डिफाल्टर शो कर चुका है। इस मामले में उसने एसएसपी मोहाली को दोस्त के खिलाफ शिकायत दी थी। डीए लीगल की राय के बाद मटौर थाना पुलिस ने ढकोली ममता एनक्लेव के रहने वाले नितिन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह मामला शिकायत के पांच साल बाद अब दर्ज हुआ है। आरोपी फरार बताया जा रहा है जिसकी तलाश जारी है।
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मूलरूप से हिसार के रहने वाले राजेश कुमार ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसका चंडीगढ़ सेक्टर-49डी में मकान है। उसका नितिन से पारिवारिक भाईचारा था। दोनों सेक्टर-22 चंडीगढ़ में मोबाइल मार्केट में सेल परचेज व मोबाइल रिपेयर का काम करते थे। 10 जून 2019 को नितिन ने राजेश से उसका बैंक लोन करवाने के लिए पैन कार्ड , आधार कार्ड और खाली चेक ले लिया। कुछ समय बाद उसने उसे कहा कि उसका बैंक लोन नहीं हो रहा और उसके कागजात वापिस कर दिए। इस दौरान नितिन ने राजेश के दिए गए पैन कार्ड, आधार कार्ड पर अपनी फोटो टैंपर करवाकर जाली दस्तावेज तैयार कर लिए और मोहाली 3बी2 स्थित इंडसइंड बैंक से एक्टिवा फाइनांस करवा ली। उसने एक्टिवा लेकर कोई भी किश्त जमा नहीं करवाई जिस कारण राजेश कुमार बैंक का डिफाल्टर बन गया। बैंक रिकवरी में केस जाने पर रिकवरी वाले सेक्टर-22 में राजेश कुमार की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने उसे बताया कि वह उनके बैंक का डिफाल्टर है और उसने एक्टिवा की एक भी किश्त नहीं भरी। राजेश ने उन्हें कहा कि उसने बैंक से कोई लोन ही नहीं करवाया। जब कागजात चेक किए तो दस्तावेजों पर फोटो नितिन की थी लेकिन आधार व पैन नंबर राजेश के दस्तावेजों के थे। उसे पता चला कि नितिन ने उसके दिए हुए दास्तावेज से अपने नाम के जाली दस्तावेज बनाए और बैंक लोन करवा लिया। उसने पुलिस को मामले की शिकायत दी थी। डीए लीगल ने जांच करने बाद मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। बाद में एसएसपी के निर्देशों पर नितिन के खिलाफ मटौर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया।
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