मोहाली/खरड़। खरड़-बलोंगी फ्लाईओवर के नीचे स्थित गोपाल जंक्शन पर लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद रोजाना भीषण जाम लगता है। ट्रैफिक लाइटें और पुलिसकर्मी तैनात होने के बाद भी यातायात व्यवस्था बेअसर साबित हो रही है। सुबह से देर रात तक वाहन चालक लंबी कतारों में फंसे रहते हैं, जिससे कुछ मिनटों का सफर घंटों में बदल जाता है।
यह जंक्शन एयरपोर्ट रोड, न्यू चंडीगढ़, खरड़ और मोहाली को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। चारों दिशाओं से लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण यहां दिनभर यातायात का दबाव बना रहता है। सुबह कार्यालय और स्कूल-कॉलेज जाने के समय स्थिति सबसे खराब होती है। शाम को वापसी के वक्त भी वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार ये कतारें काफी दूर तक पहुंच जाती हैं। जंक्शन पर एक साथ कई दिशाओं से वाहन आने के कारण यातायात आपस में उलझ जाता है। इससे पूरा क्षेत्र जाम की चपेट में आ जाता है। वाहनों के लगातार बजते हॉर्न से आसपास के लोगों को भी परेशानी होती है। लाखों रुपये की लागत से लगाई गई ट्रैफिक लाइटें व्यवस्था सुधारने के बजाय केवल शोपीस बनकर रह गई हैं।
यातायात व्यवस्था की चुनौतियां
गोपाल जंक्शन क्षेत्र का सबसे व्यस्त यातायात पॉइंट बन गया है। यहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी जाम की समस्या को खत्म करने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि ट्रैफिक लाइटों का संचालन सही तरीके से नहीं होता है। जंक्शन के लिए एक वैज्ञानिक यातायात योजना की आवश्यकता है।
लोगों की मांग: ठोस यातायात योजना
स्थानीय निवासियों ने इस समस्या के समाधान की मांग की है। नरिंदर कटवाल, कीरत सिंह और पवितरपाल सिंह बराड़ जैसे निवासियों ने प्रभावी ट्रैफिक लाइट संचालन पर जोर दिया। उन्होंने अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती की भी मांग की है। लोगों ने जंक्शन पर वाहनों के आवागमन के लिए एक नया और प्रभावी यातायात योजना तैयार करने की अपील की है। इससे इस महत्वपूर्ण जंक्शन को रोजाना के जाम से राहत मिल सकेगी।