जीरकपुर। अंबाला हाईवे पर बने फुट ओवरब्रिज की लिफ्टें कई महीनों से बंद पड़ी हैं। इससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को हाईवे पार करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मजबूरी में लंबी सीढ़ियां चढ़कर सड़क पार करनी पड़ रही है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राहगीरों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ये फुट ओवरब्रिज बनाए थे। मेट्रो मॉल और ढिल्लों प्लाजा के सामने स्थित ये ओवरब्रिज अब सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन गए हैं।
पहले लोग जान जोखिम में डालकर डिवाइडर पार करते थे, जिससे हादसों का खतरा रहता था। एनएचएआई ने इसे रोकने के लिए डिवाइडर पर ऊंची ग्रिल लगाई, जिससे अब सीधे सड़क पार करना मुश्किल है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बुजुर्गों को घुटनों या हृदय संबंधी समस्याओं के कारण सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत होती है। लिफ्टें बंद होने से उन्हें अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है, जिससे हादसे की आशंका है।
समयसीमा हुई पार, अधिकारी बेखबर
एनएचएआई ने वर्ष 2025 में कहा था कि लिफ्टें 31 दिसंबर तक चालू हो जाएंगी, क्योंकि ये नए फ्लाईओवर प्रोजेक्ट का हिस्सा थीं। हालांकि, अगस्त 2026 बीतने को है और निर्धारित समयसीमा के आठ महीने बाद भी लिफ्टें बंद पड़ी हैं। स्थानीय लोगों ने एनएचएआई और प्रशासन से लिफ्टों को जल्द चालू करवाने की मांग की है। एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी प्रशांत खोदासकर ने इस बारे में जानकारी न होने की बात कही और बाद में बताने का आश्वासन दिया।
निजी कंपनी को सौंपने की तैयारी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन लिफ्टों को चलाने का काम एनएचएआई नहीं कर रहा है। यह काम किसी निजी कंपनी को सौंपने की तैयारी की जा रही है। आने वाले समय में कोई निजी कंपनी ही इन लिफ्टों का संचालन करेगी। इस कदम से लिफ्टों के रखरखाव और संचालन में सुधार की उम्मीद है, हालांकि चालू होने की स्पष्टता नहीं है।
इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। जानकारी हासिल करके आपको बाद में बता दिया जाएगा। - प्रशांत जी खोदासकर, वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण।