मोहाली। लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) नीति के विरोध में सोमवार को मोहाली जिला अदालत में वकीलों की हड़ताल जारी रही। संयुक्त एक्शन कमेटी के आह्वान पर अदालतों का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। वकीलों ने न्यायालय परिसर में धरना देकर प्रदर्शन किया।
जिला प्रधान स्नेहप्रीत सिंह और दर्शन सिंह धालीवाल ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) ने यह नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि यह वकीलों की सहमति के बिना लाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति मनमाने ढंग से लागू की गई है। यह संविधान के सिद्धांतों के विपरीत है। अधिवक्ताओं का कहना है कि इससे उनकी पेशेवर स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। आपराधिक मामलों में केवल एलएडीसी से जुड़े अधिवक्ताओं को ही कानूनी सहायता का अधिकार दिया जा रहा है। इससे अन्य वकीलों का कार्यक्षेत्र प्रभावित हो रहा है। साथ ही, यह आरोपियों के अपनी पसंद का वकील चुनने के अधिकार पर भी असर डाल सकती है।
नीति पर वकीलों की आपत्तियां
वकीलों के अनुसार, एलएडीसी नीति प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। यह संविधान प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन करती है। संयुक्त एक्शन कमेटी के नेतृत्व में 7 जुलाई से प्रदेशभर में वकील लगातार हड़ताल पर हैं। उन्होंने सरकार से नीति की समीक्षा करने और उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है। इस मौके पर कई अधिवक्ता मौजूद रहे।