मोहाली। विजिलेंस ब्यूरो फ्लाइंग स्कवाड-1 ने जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंटरी दफ्तर के जूनियर सहायक प्रीतपाल सिंह को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वह एक ईटीटी शिक्षक का चार साल से बकाया वेतन दिलवाने के बदले में यह रकम ले रहा था। विजिलेंस ने उसे उसके घर से ही गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर ले लिया है। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार की धारा के तहत केस दर्ज किया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर में विजिलेंस की यह पहली कार्रवाई है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मामले की पड़ताल की जा रही है। अगर किसी अन्य व्यक्ति की भी इस केस में भूमिका सामने आती है, तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।
इस संबंधी विजिलेंस को दी शिकायत में फेज-11 निवासी करमजीत सिंह ने बताया था कि वह ईटीटी शिक्षक है। 23 नवंबर 2015 को थाना मटौर की पुलिस ने उसे एनडीपीएस केस में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे शिक्षा विभाग ने मुअत्तल कर दिया था। हालांकि उसे करीब दो साल मुअत्तली भत्ता मिलता रहा, लेकिन बाद में उसके खाते में पैसे आने बंद हो गए। जबकि 14 नवंबर 2019 में वह केस में बरी हो गया था। इसके बाद विभाग ने 28 नवंबर, 2019 को पेंडिंग इन्कवायरी में उसे बहाल करके सरकारी प्राइमरी स्कूल कराला में तैनात किया था। इसके बाद उसे उसका स्थायी बनता वेतन मिलना उसकी शुरू हो गया था। लेकिन उसके मुअत्तल समय के बकाया वेतन की रकम बाकी रह गई थी। जो कि अभी तक नहीं मिली थी। इसलिए अपना बकाया वेतन लेने के लिए उसका जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर में आना-जाना लगा रहता था। यहीं, उसकी आरोपी से मुलाकात हुई थी। इस दौरान आरोपी ने उसे कहा था कि वह उसकी चार साल की वेतन की बकाया रकम दिलवा देगा, लेकिन इसके लिए 40 फीसदी रिश्वत लेगा। बाद में दोनों की डील पैंतीस फीसदी हिस्से पर तय हुई थी।
जानकारी के मुताबिक दस लाख रुपये बकाया वेतन में से साढेे़ छह लाख शिक्षक को मिलने थे, जबकि साढ़े तीन आरोपी को देने थे। आरोपी प्रीतपाल ने शिक्षक को कहा था कि वह उसके खाते में पैसे डालना शुरू कर देगा। साथ ही रकम आने के बाद उसे बनता हिस्सा देना होगा। इसी बीच उसने इस मामले में विजिलेंस को शिकायत दे दी थी। इसके साथ ही विजिलेंस की टीम ने उसे ट्रैप लगाकर आरोपी को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया।