मोहाली। आईटी सिटी के प्लॉट मालिकों को गमाडा की ओर से भेजे गए अतिरिक्त राशि के नोटिस पर भारी नाराजगी है। गमाडा ने 7845 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से यह राशि जमा कराने को कहा है। इसके विरोध में रविवार को बड़ी संख्या में प्लॉट मालिक एकजुट हुए और संघर्ष समिति का गठन किया। प्लॉट मालिकों ने जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने का भी फैसला लिया है। बैठक में सेवानिवृत्त कर्नल एसएस चहल की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई। इसमें राम प्रकाश, शशिपाल सैनी, आरके महाजन, कुलतार सिंह, संजय शर्मा और दलजीत सिंह को सदस्य बनाया गया है।
वार्ड-49 के पार्षद नसीब सिंह संधू ने भी बैठक में पहुंचकर प्लॉट मालिकों को समर्थन का भरोसा दिया। प्लॉट मालिकों का कहना है कि यह राशि लाखों रुपये में है और अधिकांश परिवारों के लिए इसका भुगतान करना संभव नहीं है। गमाडा ने प्लॉट मालिकों को 30 दिन के भीतर कुल देय राशि का 25 फीसदी जमा करने को कहा है। शेष राशि छह-छह माह के अंतराल पर तीन किस्तों में देनी होगी। सेवानिवृत्त कर्नल एसएस चहल ने कहा कि आईटी सिटी में प्लॉट पहले ही बाजार भाव से अधिक कीमत पर खरीदे गए थे। अधिकांश लोगों ने बैंक से कर्ज लेकर घर बनाए हैं। अब अचानक एक तिहाई तक अतिरिक्त राशि मांगना उनके लिए आर्थिक संकट पैदा कर देगा। कई परिवारों को घर बेचने तक की नौबत आ सकती है।
संघर्ष समिति का गठन और आगे की रणनीति
पार्षद नसीब सिंह संधू ने आरोप लगाया कि गमाडा किसानों को मुआवजा देने में हुई देरी का ब्याज और अन्य भार भी प्लॉट मालिकों पर डाल रहा है। संघर्ष समिति जल्द ही विधायक कुलवंत सिंह से मुलाकात कर इस मुद्दे के समाधान की मांग करेगी। यदि समाधान नहीं निकला तो गमाडा के खिलाफ कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।