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Mohali News: नीड बेस्ड पॉलिसी का मुद्दा विधानसभा में गूंजा, मंत्री ने जल्द लागू करने का दिया भरोसा

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मोहाली। शहर के हजारों एलआईजी और एमआईजी फ्लैट मालिकों से जुड़ा नीड बेस्ड पॉलिसी का वर्षों पुराना मुद्दा मंगलवार को पंजाब विधानसभा में फिर उठा। मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह ने सरकार से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि यह मामला कब तक सुलझेगा। लोगों को राहत कब मिलेगी। विधायक कुलवंत सिंह ने सदन में बताया कि करीब 50 वर्ष पहले हाउसिंग विभाग ने एलआईजी और एमआईजी फ्लैट बनाए थे। समय के साथ अधिकांश लोगों ने जरूरत के अनुसार अतिरिक्त निर्माण कर लिया। इसी कारण उन्हें मकानों की एनओसी नहीं मिल रही है। वे अपने मकान बेच नहीं पा रहे हैं। बैंक में गिरवी रखकर ऋण भी नहीं ले सकते हैं। कई वर्षों से नीति बनी है और इसमें संशोधन भी हुए हैं। इसके बावजूद इसे लागू नहीं किया जा सका है। इससे हजारों परिवार परेशान हैं।
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नीति का इतिहास और वर्तमान स्थिति
कुलवंत सिंह ने बताया कि वर्ष 2011 में चंडीगढ़ की तर्ज पर एक नीति बनाई गई थी। कानूनी अड़चनों के कारण वह लागू नहीं हो सकी। इसके बाद 2015 में संशोधित नीड बेस्ड पॉलिसी लाई गई। इसमें अतिरिक्त निर्माण को निर्धारित शुल्क लेकर नियमित करने का प्रावधान था। लेकिन बाद में वह भी वापस ले ली गई। अब संबंधित विभाग केवल समिति बनाकर विचार करने की बात कह रहा है।



मंत्री का आश्वासन और अन्य मांगें

आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने सदन को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार नीड बेस्ड पॉलिसी को जल्द लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मंत्री के आश्वासन के बाद हजारों फ्लैट मालिकों में उम्मीद जगी है। वे वर्षों से इस समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कुलवंत सिंह ने वाणिज्यिक बूथों पर पहली मंजिल निर्माण की अनुमति देने संबंधी नीति भी जल्द लागू करने की मांग उठाई।
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