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मोहाली में किसान बैरिकेड पार कर आगे बढ़े, पानी की बौछारें होते ही वाटर कैनन पर किया कब्जा

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माई सिटी रिपोर्टर/संवाद न्यूज एजेंसी
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मोहाली। केंद्र सरकार की ओर से पारित किए गए कृषि के नए तीन कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन के सात माह पूरे होने पर शनिवार को किसानों ने मोहाली से चंडीगढ़ के लिए कूच किया। चंडीगढ़ की सीमा पर किसानों को रोकने के लिए पानी की बौछार की गई, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया, लेकिन किसान बैरिकेड तोड़कर चंडीगढ़ में प्रवेश कर गए। इससे पहले शनिवार सुबह 4 बजे से ही राज्य भर से किसान गुरुद्वारा श्री अंब साहिब पहुंचना शुरू हो गए थे। यहां किसानों ने दोपहर तक रैली कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान किसान संगठनों के आंदोलन को शनिवार को सात माह पूरे होने पर संगठनों ने पंजाब और हरियाणा के किसानों से चंडीगढ़ पहुंचने की अपील की थी। सभी संगठनों ने चंडीगढ़ पहुंचकर पंजाब के गवर्नर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम बनाया था। इसके मद्देनजर शनिवार सुबह 4 बजे से ही राज्य भर से किसान मोहाली के फेज-8 में गुरुद्वारा श्री अंब साहिब पहुंचने लगे थे। दोपहर तक हजारों की संख्या में किसान मोहाली पहुंच चुके थे। दोपहर करीब एक बजे यहां गुरुद्वारे के पास रैली करने के बाद किसानों ने चंडीगढ़ की तरफ कूच किया। किसानों का मार्च वाईपीएस चौक पार करके चंडीगढ़ में दाखिला हुआ ही था कि किसानों की चंडीगढ़ पुलिस के साथ झड़प शुरू हो गई। जैसे ही किसान बैरिकेडिंग को पार करके आगे बढ़े तो चंडीगढ़ पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए पानी की बौछारें शुरू कर दीं, लेकिन किसानों ने पहले पानी के टैंकर की पाइप निकाली और फिर यूटी पुलिस की वाटर कैनन और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों पर ही कब्जा कर लिया और चंडीगढ़ में दाखिल हो गए।
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भारतीय किसान यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि किसानों का मार्च शांतिपूर्ण था। मोहाली में किसी तरह का टकराव नहीं हुआ, जबकि चंडीगढ़ पुलिस ने किसान नेताओं से बात करने के बजाय सीधा बल का प्रयोग किया। इससे किसान भी भड़क गए थे।
वहीं, संयुक्त किसान मोर्चे के नेता हरविंदर सिंह लखोवाल ने कहा कि अगर चंडीगढ़ पुलिस किसानों को रोकना चाहती थी तो मांग पत्र लेने और किसानों से बात करने के लिए कोई प्रशासनिक अधिकारी वहां मौजूद क्यों नहीं था।
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जो नए कानूनों के पक्ष में वे कर रहे पीढ़ी के भविष्य से खिलवाड़
इस मार्च से पहले गुरुद्वारा श्री अंब साहिब पर हुई रैली को संयुक्त किसान मोर्चे के कनवीनर बलबीर सिंह राजेवाल, रुलदा सिंह मानसा, सतनाम सिंह बहरू सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। इन नेताओं ने केंद्र सरकार पर कृषि के नए तीन कानूनों को गैर संवैधानिक तरीके से पास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह राज्य के अधिकारों में सीधा हस्तक्षेप है। किसान आंदोलन तीनों कृषि कानून रद्द होने तक जारी रहेगा, भले ही पूरा जीवन इस आंदोलन में ही क्यों न बीत जाए। किसान नेताओं ने कहा कि जो लोग कृषि कानूनों का पक्ष ले रहे हैं, वो आने वाली पीढ़ी के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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