बुड़ैल जेल से ऑपरेट हो रहा था लॉरेंस गैंग का नेटवर्क, शूटरों को फॉर्च्यूनर से पहुंचाता था लॉरेंस गैंग का गुर्गा
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पुलिस ने 10 दिन के भीतर तीन कोठियों पर फायरिंग और पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें आकाशदीप सिंह भी शामिल है, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कथित गुर्गा बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि आकाशदीप की मां अमरीन कौर बंबीहा गैंग से जुड़ी है और चिन्नी कुब्बाहेड़ी हत्याकांड में जेल में बंद है। यह मामला मां और बेटे के विरोधी गैंग से जुड़े होने के कारण और गंभीर हो गया है। पुलिस के अनुसार, मोहाली में हुई तीनों फायरिंग की वारदात में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े चार आरोपी पकड़े गए हैं। आकाशदीप सिंह, परवीन कुमार उर्फ कालू, जसमनदीप सिंह और दुशंत शर्मा उर्फ शम्मी इनमें शामिल हैं। पांचवें आरोपी सिमरदीप सिंह उर्फ जशन की तलाश जारी है। आकाशदीप की उम्र 23 साल है और वह आठवीं पास है। वारदात में इस्तेमाल अस्थायी नंबर वाली फॉर्च्यूनर भी उसी की बताई गई है। आरोप है कि वह शूटरों को अपनी गाड़ी से घटनास्थल तक पहुंचाता था। वारदात के बाद उन्हें वहां से निकालने में भी मदद करता था। पुलिस ने आरोपियों से पांच स्वचालित विदेशी हथियार और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। वारदात में इस्तेमाल फॉर्च्यूनर भी जब्त कर ली गई है। जसमनदीप पर कोठियों की रेकी करने का आरोप है। दुशंत शर्मा पर हथियार सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी थी। आकाशदीप और परवीन पर सिमरदीप के साथ फायरिंग में शामिल होने का आरोप है।
मां पर हत्या का आरोप, बेटा रंगदारी में शामिल
अमरीन कौर को प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी कुब्बाहेड़ी की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। चिन्नी की चंडीगढ़ में जिम से निकलते समय दिनदहाड़े हत्या हुई थी। इस हत्या की जिम्मेदारी बंबीहा गैंग ने ली थी। अमरीन कौर इस समय जेल में बंद है। अब उसके बेटे आकाशदीप का नाम लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ना पुलिस के लिए अहम कड़ी है। जांच के मुताबिक, मां और बेटा दो विरोधी गैंग से जुड़े पाए गए हैं। ये गैंग एक-दूसरे से जुड़े लोगों की हत्याएं करवा चुके हैं।
फॉर्च्यूनर से पहुंचाते थे शूटरों को
पुलिस के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल फॉर्च्यूनर दिल्ली से खरीदी गई थी। इसे लांडरा के पास ट्रेस करने के बाद पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सुराग मिला। जांच में पता चला कि आकाशदीप शूटरों के रहने का इंतजाम भी करता था। वह हथियार भी अपने पास रखता था। सूत्रों के मुताबिक, शूटर पहले बाइक से वारदात वाले इलाके तक पहुंचते थे। बाइक को कुछ दूरी पर खड़ा करने के बाद आकाशदीप उन्हें फॉर्च्यूनर से कोठी तक ले जाता था। फायरिंग के बाद आरोपी वापस बाइक तक पहुंचकर फरार हो जाते थे।
बुड़ैल जेल से संचालित हो रहा था नेटवर्क
पुलिस जांच में आरोपियों के तार बुड़ैल जेल में बंद रविंदर सिंह उर्फ काली से जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, काली जेल से ही गैंग की गतिविधियां संचालित कर रहा था। आरोपियों के विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू के संपर्क में होने की बात भी पूछताछ में सामने आई है। सीआईए स्टाफ और ऑपरेशन सेल की तकनीकी जांच के बाद आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया गया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। वे यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस नेटवर्क ने मोहाली में और कितनी वारदात की हैं। फायरिंग और रंगदारी की साजिश में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
फायरिंग की तीन वारदात में वांछित चार आरोपियों को काबू कर लिया गया है। पांचवें आरोपी की तलाश जारी है। आरोपी लॉरेंस गैंग से जुड़े हैं। उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -वरुण शर्मा, एसएसपी मोहाली