जीरकपुर। करीब छह माह पहले लाखों रुपये खर्च कर खरीदी गई चार गोबर गोला मशीनें लेबर की व्यवस्था नहीं होने की वजह से धूल फांक रहीं हैं। यह मशीन गोबर से लंबे-लंबे बार बनाने के काम आती हैं, जो कि श्मशान घाट में अंतिम संस्कार में प्रयोग की जाती है। इससे लकड़ी की भारी बचत होती है। ये मशीनें पभात क्षेत्र में स्थित डंपिंग ग्राउंड में खड़ी है। इन मशीनों को चलाने के लिए मौके पर तीन ट्राली गोबर की भी व्यवस्था कर ली गई थी, यह भी अब सूख चुकी है।
उसी जगह पर एक फर्राटा मशीन भी पड़ी है। इसे भी दो महीने से नहीं चलाया गया है। यह फर्राटा मशीन पॉलिथीन और कचरे को साफ करने के लिए प्रयोग की जाती है। पॉलिथीन को साफ करने के बाद आगे अलग-अलग कंपनियों को बेच दिया जाता है। इस मशीन के न चलने के कारण डंपिंग ग्राउंड में भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा भी एकत्रित हो गया है। नगर परिषद के अनुसार गोबर गोला मशीन चलाने के लिए लेबर की जरूरत पड़ती है। लेबर नहीं होने की वजह से मशीनें नहीं चलाई जा रही हैं।
फर्राटा मशीन पहले तो चलाई जा रही थी, अब अगर यह नहीं चल रही तो चेक करुंगा। इसके अलावा गोबर गोला मशीन को चलाने के लिए लेबर की जरूरत पड़ती है। लेबर के लिए अभी तक टेंडर नहीं खोला गया है, इसीलिए इन मशीनों को नहीं चलाया जा रहा। टेंडर लगने के बाद ही इन मशीनों को चलाने वाली लेबर आएगी और इनको चलाया जाएगा। - रणजीत सिंह, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर।