विज्ञान इसलिए कामयाब है क्योंकि वह स्वयं खुद को सुधार लेता है। विज्ञान खुद ही बता देता है कि यह दवा पहले वाली दवा से ज्यादा बेहतर है। विज्ञान इस कार्य के लिए किसी की तारीफ नहीं करता बल्कि खुद स्वयं को निखारकर बेहतर बनाने का काम करता है। यह विचार शनिवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पंजाब के पहले ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर को लेकर आयोजित कार्यक्रम के दौरान साझा किए।
मोहाली के गांव घड़ूआं स्थित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने देश का सातवां और पंजाब का पहला ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर बनाया। इसकी शुरुआत करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान बतौर मुख्यातिथि पहुंचे। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब में प्रतिभा की कमी नहीं बल्कि इन्हें तराशने वालों की कमी है। विदेश में जाने के लिए आइलेट्स एक भाषा का काम करती है लेकिन पंजाब के अंदर युवा आइलेट्स को डिग्री मान बैठे हैं। इसमें आने वाले साढ़े 7 या 8 बैंड की मदद से अपने से दूर होकर विदेश में जाकर काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि युवाओं का इसमें कोई कसूर नहीं, बल्कि अब तक की सरकारों ने कभी यहां रोजगार जैसा माहौल ही नहीं बनाया जिससे विदेश जाने वाले युवाओं को रोका जा सकता। पंजाब के लोगों ने हमें मौका दिया है और हम इस मौके को बर्बाद नहीं होने देंगे।
अपने प्रदेश के अंदर युवाओं के लिए रोजगार के नए-नए अवसर पैदा करने के लिए मल्टीनेशनल कंपनियों को लाएंगे ताकि युवाओं को अपना देश छोड़कर विदेश जाने की जरूरत न पड़े। इसके साथ ही उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा शुरू किए ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर की प्रशंसा करते कहा कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।