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Mohali News: जवंदा रूलाकर यूं नहीं जाना था...

Thu, 09 Oct 2025 02:23 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
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सरदारी जैसे गानों से जवंदा रातोंरात बन गए थे स्टार
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पंजाबी मिट्टी की आवाज हुई खामोश, 2020 के किसान आंदोलन में निभाई भागीदारी
पंजाबी इंडस्ट्री में शोक, परिवार और फैंस के लिए अपूरणीय क्षति

संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाबी संगीत और फिल्म इंडस्ट्री की सुनहरी आवाज राजवीर जवंदा अब हमारे बीच नहीं रहे। बाइक हादसे के बाद मल्टीपल ऑर्गन फेलियर से उनका निधन हो गया। सरदारी जैसे गानों से रातोंरात स्टार बने जवंदा ने सिर्फ संगीत ही नहीं बल्कि सामाजिक चेतना में भी अपनी खास पहचान बनाई। राजवीर केवल गायक और अभिनेता नहीं थे। 2020 के किसान आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई और अपनी आवाज से किसानों और युवा वर्ग को एकजुट किया। बुधवार को उनके घर दुख साझा करने पहुंचे लोग एक ही बात कह रहे थे कि जवंदा हमें रूलाकर यूं नहीं जाना था।
लोकगीत और पारंपरिक संगीत से कॅरिअर से शुरुआत करने वाले राजवीर के गाने जैसे मुकाबला, पटियाला शाही पैग, शानदार, सुकून और सरनेम पंजाब के युवाओं के दिलों में बस गए थे।
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इस तरह दिलों में बसे जवंदा
पहला गाना : 2014 में मुंडे लाइक मी
अभिनय: 2018 में फिल्म सूबेदार जोगिंदर सिंह से शुरुआत, सिपाही की भूमिका
प्रसिद्ध गाने: कली जवांदे दी, कंगणी, मुकाबला, पटियाला शाही पैग, केसरी झंडे, शौकीन, लैंडलॉर्ड, सरनेम, सुकून
फिल्में: सूबेदार जोगिंदर सिंह (2018), काका जी (2019), जिंद जान (2019), मिंदो तहसीलदारनी (2019)

शिक्षा और प्रेरणा
स्कूल: सन्मति विमल जैन स्कूल, जगरांव
ग्रेजुएशन: डीएवी कॉलेज, जगरांव
पोस्ट-ग्रेजुएशन: एमए (थिएटर एंड टेलीविजन), पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला
प्रेरणा: गुरदास मान, गुरु लल्ली खान

प्रमुख उपलब्धियां
कॉलेज यूथ फेस्टिवल्स में 11 ट्रॉफियां
इंटर-यूनिवर्सिटी सिंगिंग में डबल गोल्ड मेडल
लोक वाद्य यंत्र ‘तुंबी’ में महारत
लोक और आधुनिक शैली के गानों में विशेष पहचान

पंजाबी इंडस्ट्री में शोक की लहर
जवंदा के निधन की खबर के बाद से इंडस्ट्री और फैंस शोक में डूब हैं। हरभजन मान, बीएन शर्मा, एमी विर्क, मनकीरत औलख, हैप्पी रायकोटी, कुलविंदर बिल्ला, युवराज हंस, हिमांशी खुराना, माही शर्मा, जस्सी और सचिन अहुजा सहित कई कलाकार अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। इस दाैरान राजनीतिक हस्तियां भी मौजूद रहीं।

हमारी अरदासें कबूल नहीं हुईं
बहुत बुरा समय चल रहा है।आज इस बच्चे के जाने से न पूरा होने वाला घाटा हुआ है। बहुत अफसोस है कि हमारी अरदासें कबूल नहीं हुईं। परमात्मा के आगे अरदास है कि जवंदा दी आत्मा को शांती दें। - बीएन शर्मा, पंजाबी कलाकार
शायद इतना ही साथ था
शायद इतना ही साथ था। यह उनके परिवार और खासकर उनके 5 और 10 साल के बच्चों के लिए अपूरणीय क्षति है। एक पिता का जाना कभी भी पूरी तरह से भरा नहीं जा सकता। - रुपिंदर हांडा, पंजाबी गायिका

मौत जीत गई और भाई हार गया
पूरे पंजाब की खुशियों को ग्रहण लगा है। हमें लगा था भगवान अरदास सुन लेगा। आज अरदासें भी काम नहीं आईं। मौत जीत गई और भाई हमारा हार गया। - रेशम अनमोल, पंजाबी गायक

परिवार नहीं भूलेगा ये गम
राजवीर अपने पीछे परिवार छोड़ गए हैं। उनके पिता करम सिंह, पंजाब पुलिस से रिटायर्ड, माता परमजीत कौर, छोटी बहन, पत्नी अशविंदर कौर और दो बच्चे हेमंत कौर व दिलवर सिंह उनके बिना गहरे खालीपन में हैं।
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मनकीरत औलख की बिगड़ी तबीयत
राजवीर जवंदा के सेक्टर-71 स्थित घर पर पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख दुख में शामिल होने पहुंचे। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा। बताया जा रहा है कि उनके पैर सुन्न हो गए थे और वे ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे।
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