मोहाली। नगर निगम चुनाव इस बार केवल स्थानीय प्रतिनिधि चुनने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि कुछ वार्ड पूरी तरह से सियासी प्रतिष्ठा की लड़ाई का केंद्र बन गए हैं। इन हाई-प्रोफाइल वार्डों के नतीजे न सिर्फ उम्मीदवारों का भविष्य तय करेंगे, बल्कि आने वाले समय में मोहाली की राजनीतिक दिशा और शक्ति संतुलन पर भी बड़ा असर डाल सकते हैं। वार्ड-42 से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार और विधायक के बेटे सरबजीत समाना, वार्ड-10 से कांग्रेस के उम्मीदवार और पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के बेटे कंवरबीर सिंह रूबी सिद्धू और वार्ड-6 से पंजाब सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन और आप के महासचिव डॉ. सन्नी आहलूवालिया जैसे चर्चित नामों के कारण मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। इन वार्डों को अब महज चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा का मैदान माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इन प्रमुख वार्डों के नतीजे यदि किसी भी दल के पक्ष में अप्रत्याशित रूप से बदलते हैं, तो इसका सीधा असर शहर की आगामी राजनीति पर पड़ेगा। लंबे समय से सक्रिय और प्रभावशाली रहे इन उम्मीदवारों की राजनीतिक पकड़ केवल अपने-अपने वार्डों तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके प्रभाव क्षेत्र व्यापक माने जाते हैं। उधर, कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल-सभी दलों की नजर ऐसे संवेदनशील और कांटे के मुकाबलों वाले वार्डों पर टिकी हुई है। कई स्थानों पर निर्दलीय उम्मीदवार भी समीकरण बिगाड़ने की स्थिति में नजर आ रहे हैं, जिससे मुकाबला और अधिक रोचक हो गया है। इन वार्डों को राजनीतिक दल अपने संगठनात्मक ताकत और जनाधार की असली परीक्षा के रूप में देख रहे हैं, जिसके चलते हर पार्टी ने पूरी ताकत चुनावी मैदान में झोंक दी है।