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राजनीति : आजाद ग्रुप के प्रमुख का सेहत मंत्री पर जुबानी हमला... कहा- निजी अस्पतालों से ज्यादा प्यार, कभी बांटे वेंटिलेटर तो कभी वैक्सीन

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मोहाली। शहर के पूर्व मेयर एवं आजाद ग्रुप के प्रमुख कुलवंत सिंह ने विधायक एवं सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के खिलाफ मोर्चा खोलकर जुबानी हमला बोला है। उन्होंने उन पर आरोप लगाते हुए कहा कि सेहत मंत्री शहर में जरूरतमंद लोगों को मेडिकल सुविधाएं मुहैया करवाने में असफल रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए सुविधाएं देने के बजाय बलबीर सिंह सिद्धू को निजी अस्पतालों से ज्यादा प्यार है वे निजी अस्पतालों को कभी वेंटिलेटर बांट रहे हैं तो कभी वैक्सीन। जबकि इनकी सरकारी अस्पतालोें में ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में जरूरतमंद लोगों सेहत सुविधाएं नहीं मिलने से उनकी मौत हो रही हैं। इनकी मौत के जिम्मेदार सेहत मंत्री ही हैं और पंजाब के लोगों की सेहत से खिलाड़ करने के आरोप में सेहत मंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
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इसके साथ ही शहर के पूर्व मेयर कुलवंत सिंह ने साफ कहा है कि इस कोरोना महामारी में लोगों के इलाज के लिए वेंटिलेटर और वैक्सीन समेत सभी सुविधाएं मुहैया करवाने की जिम्मेदारी सेहत मंत्री की होती है, लेकिन इस तरफ उनका ध्यान ही नहीं है और वह इस काम में पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं। उन्होंने बलबीर सिंह सिद्धू पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र से कोरोना से बचाव के लिए 400 रुपये प्रति डोज के हिसाब से वैक्सीन की भेजी गई 140000 खुराक आम लोगों को मुफ्त मुहैया करवाने के बजाय इन्हें 20 निजी अस्पतालों को 1060 रुपये प्रति डोज के हिसाब से 42000 खुराक बेच दी हैं। जिससे निजी अस्पताल वाले और वह खुद मुनाफा कमा सकें।
कुलवंत सिंह ने आरोप लगाया कि सेहत मंत्री ने ऐसा करके आम लोगों के धोखा किया है और बहुत से लोगों की सरकारी अस्पतालों में मौत हो गई। इसके जिम्मेदार सिद्धू हैं और ऐसे में उन्हें खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए।
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पूर्व मेयर ने कहा कि जब पिछले साल कोरोना ने दस्तक दी थी तो उस समय कहा गया था कि कोरोना की दूसरी लहर आएगी और इससे बचाव के लिए पहले ही इंतजाम रखने होंगे। लेकिन इसके बाद भी बलबीर सिंह सिद्धू ने लोगों की जान बचाने के लिए कोई काम नहीं किया। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा क्योंकि इलाके में ऑक्सीजन की किल्लत रही। उन्होंने कहा कि सेहत मंत्री को सरकारी अस्पतालों से ज्यादा निजी अस्पतालों की चिंता है। इसलिए उन्होंने निजी अस्पतालों को कभी वेंटिलेटर तो वैक्सीन बांटी है। उन्होंने कहा कि अफसोस की बात है कि सेहत मंत्री लोगों को बचाने के लिए कोई काम नहीं कर रहे हैं।
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