डेराबस्सी। मुकंदपुर गांव के दो गुटों के बीच सिविल अस्पताल में खूनी संघर्ष के मामले में गुज्जर समुदाय और अन्य गांवों के सरपंचों ने डेराबस्सी थाने के बाहर सड़क जाम कर दस से एक बजे तक धरना दिया। इस दौरान उन्होंने दीपइंदर सिंह ढिल्लों और उदयवीर सिंह ढिल्लों के बेटों का भी पुतला फूंका। इन लोगों का कहना था कि इस मामले में कांग्रेस पार्टी के हलका प्रभारी दीपेंद्र सिंह ढिल्लों के बेटे उदयवीर सिंह ढिल्लों पर मामला दर्ज किया जाए। यह प्रदर्शन तब खत्म हुआ जब डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ मौके पर आए और प्रदर्शनकारियों से उनका मांग पत्र लिया। इसके बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
उन्होंने बताया कि पुलिस को उदयवीर सिंह ढिल्लों की एफआईआर मिल गई है। इसे शामिल करने के लिए दो दिन का समय दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिन में उनका नाम मामले में नहीं जोड़ा गया तो वे दोबारा संघर्ष करने को बाध्य होंगे। जानकारी के अनुसार विरोध प्रदर्शन में मार्केट कमेटी के चेयरमैन कुलदीप चौधरी मियांपुर, कंवरपाल खेड़ी गुजरान, जसमेर सिंह कुरावाला, तरसेम हरिपुर, गुरतेज सिंह तेजी खेड़ी गुजरान, बलकार बिजानपुर, मामराज पूर्व सरपंच मुकंदपुर, सियूं राम मुकंदपुर, सुरिंदर सिंह सरपंच पुरगपुर, संजू खेड़ी गुजरान, गुरदेवी बेहरा, गुरुमीत सिंह रानी माजरा और अन्य मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि पिता-पुत्र दोनों मिलकर क्षेत्र में गुटबाजी पैदा कर रहे हैं। इससे गांवों की सामुदायिक भावना खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि उदयवीर सिंह ढिल्लों ने उस दिन गांव में और बाद में सिविल अस्पताल में इस विवाद को न भड़काया होता तो यह विवाद न होता। उन्होंने कहा कि उदयवीर सिंह ढिल्लों घटनास्थल पर मौजूद थे। पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
दीपइंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि यह सब राजनीतिक दबाव में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने पर शिकायतकर्ता पर सत्ताधारी पार्टी द्वारा पहले गांव में और बाद में अस्पताल में हमला किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। बल्कि मामले को दबाने के लिए उनके बेटे के नाम पर राजनीति की जा रही है। डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ ने कहा कि इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इसके बाद कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उदयवीर ढिल्लों या कोई अन्य संलिप्त मिला तो उसका नाम भी एफआईआर में शामिल किया जाएगा।