पीयूष गोयल ने कहा कि 2014 तक किसी भी सरकार के ध्यान में नहीं आया कि 50 प्रतिशत घरों में खाना चूल्हों पर बनाया जाता है। इससे लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा था। वहीं, अब 90 प्रतिशत घरों में रसोई गैस पहुंचाई जा रही है। आठ करोड़ जरूरतमंद लोगों को फ्री में गैस मुहैया करवाई जाती है। वहीं स्वच्छ भारत मुहिम के तहत भारत सरकार की तरफ से सैनिटेशन अधीन 98 फीसदी घरों में शौचालय का निर्माण किया गया है।
देश की समस्याओं के हल के लिए संयुक्त प्रयास करने होंगे
गोयल ने कहा कि भारत सरकार की ओर से वातावरण संबंधी तैयार किए प्रोजेक्टों में पूरे देशवासियों का सहयोग जरूरी है। यदि विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान वातावरण सुरक्षा के लिए आगे आए तो हम समझेंगे कि देश का भविष्य अच्छे हाथों में है।
पेड़ों की देखभाल निवासियों की प्राथमिक जिम्मेदारी
इस दौरान जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा कि वातावरण सुरक्षा में पेड़ों की देखभाल देशवासियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। एक पेड़ को लकड़ी की नजर से नहीं देखना चाहिए, बल्कि पेड़ों द्वारा दी जा रही ऑक्सीजन का महत्व समझना जरूरी है।
वातावरण को लेकर भी इंग्लैंड के साथ काम करे भारत
इंग्लैंड के सुप्रीम कोर्ट के लार्ड कार्नवर्थ ने कहा कि भारत और इंग्लैंड ने अलग-अलग क्षेत्रों में गठजोड़ स्थापित किए हैं। इसके तहत संवेदनशील विषयों पर कांफ्रेंस और सेमिनार होते हैं। वातावरण को लेकर भी दोनों देशों के बीच कानूनों का विकास होना जरूरी है।
सीयू में वातावरण को जरूरी विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा : चांसलर संधू
मेजबान यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि यूनिवर्सिटी में वातावरण सुरक्षा को समर्पित इस ग्लोबल लॉ कांफ्रेंस का उद्देश्य विद्यार्थियों को वातावरण संबंधित बने कानूनों, योजनाओं और अहम पहलुओं के बारे में जागरूक करना है। वातावरण सुरक्षा प्रति अपनी जिम्मेदारी को महसूस करते हुए यूनिवर्सिटी के सभी कोर्सों में वातावरण विषय को जरूरी विषय के तौर पर पढ़ाने का एलान किया।