पजेशन से पहले पूरी होगी डिमार्केशन प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार अक्षित गुप्ता को बड़ा झटका तब लगा, जब गमाडा के अधिकारियों ने बताया कि इस प्लॉट का पजेशन देने के लिए पहले डिमार्केशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि यह तय किया जा सके कि यह जमीन किसके अधिकार क्षेत्र में आती है। गमाडा के अधिकारियों ने यह भी कहा कि अगर यह प्लॉट पंजाब के अधिकार क्षेत्र में पाया जाता है तो अलॉटी को पजेशन दे दिया जाएगा, अगर यह चंडीगढ़ के अधिकार क्षेत्र में पाया जाता है तो इस मामले को अफसरों के साथ मिलकर हल किया जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
एक प्लॉट का इश्यू मेरे सामने आया था। मैंने एस्टेट आफिसर को बोला है कि इसकी जांच करें। यदि हमारी परिसीमा में आता है तो प्लाॅट उसको दे दें। यदि हमारी परिसीमा में नहीं आता है तो पहली बात कि यह प्लाट ई ऑक्शन में कैसे लग गया, इसका पता लगाएं। दूसरी बात कि आवंटी को इस प्लाॅट के मानकों के अनुसार ही दूसरी जगह पर प्लाॅट अलाट कर दें। - मोनीश कुमार, चीफ एडमिनिस्ट्रेटर गमाडा
जमीन के विवाद को लेकर ही एरिया की डिमार्केशन कराने का फैसला हुआ है। इसके लिए काम चल रहा है। डिमार्केशन के बाद ही पता चल पाएगा कि वास्तव में वह जमीन किसकी है। -सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, यूटी प्रशासन