घग्गर पुल पर स्पीड ब्रेकर लगाते कंपनी के कर्मचारी।
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अंबाला-चंडीगढ़ हाइवे पर भांखरपुर में पुराना टू-लेन घग्गर पुल से अब वाहनों को धीमी रफ्तार से गुजरना होगा। सड़क का निर्माण करने वाली कंपनी ने घग्गर पुल के लगातार बिगड़ते हालात देख यह कदम उठाया है। दरअसल, पुल की रुटीन रिपेयर के दौरान इस्तेमाल किए गए कंक्रीट मिक्सचर को सूखने का पर्याप्त समय नहीं मिल रहा था। भारी वाहनों के गुजरते ही कंक्रीट की पकड़ फिर हिल जाती है। पकड़ न हिले इसलिए निर्माण कंपनी ने स्पीड ब्रेकर लगा दिए हैं।
चंडीगढ़ से अंबाला जाते समय राहगीर इस पुराने टू लेन पुल का इस्तेमाल करते हैं। 3 जुलाई को भांखरपुर की ओर से तीसरे व चौथे स्पैन के बीच एक्सपेंशन ज्वाइंट डैमेज होने पर पुल पर वाहनों की आवाजाही एक हफ्ते तक बंद रखी गई थी। जो रिपेयर के बाद 10 जुलाई को ही खोली जा सकी। वीरवार को पुल कुछ घंटे के लिए रिपेयर के दौरान बंद रखना पड़ा। मंगलवार को भी रिपेयर उखड़ने से पुल की एक लेन पर आवाजाही बंद कर दी गई थी।
फोरलेनिंग कंपनी जीएमआर के सीआरओ दीपक अरोड़ा के अनुसार लेन बंद करने के बजाय दोनों लेन पर 8.75 मीटर चौड़े स्पीड ब्रेकर लगा दिए हैं। पुल के दोनों लेन बंद कर ट्रैफिक डायवर्ट करने के बजाय यह फार्मूला अपनाया गया है। रिपेयर वाले स्थान से छोटे वाहनों के गुजारने पर कोई समस्या नहीं है। परंतु भारी वाहनों की आवाजाही से कंक्रीट सूखने से पहले फिर हिल जाती है। स्पीड ब्रेकर का फार्मूला कामयाब रहा तो कुछ दिन बाद इन्हें भी हटा लिया जाएगा। अन्यथा रिपेयर के दौरान ट्रैफिक डायवर्ट कर पुल कुछ दिनों के लिए बंद करना ही आखिरी विकल्प रहेगा।