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जाम के झाम से जकड़ा ‘गेट वे ऑफ पंजाब’ जीरकपुर

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जीरकपुर। ‘गेट वे ऑफ पंजाब’ कहे जाने वाले शहर जीरकपुर के शहरी क्षेत्र में चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर फ्लाइओवर बनने के बाद स्थानीय लोगों ने सोचा था कि उन्हें ट्रैफिक जाम से राहत मिल जाएगी। लेकिन यहां गलत प्लानिंग करके बनाया गए फ्लाईओवर की वजह से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ गई।
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इसका कारण यह है कि फ्लाईओवर के नीचे दोनों और सड़क की चौड़ाई कम होने से यहां हर रोज ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बनी रहती है, जबकि सुबह और शाम के समय तो वाहनों के पहिए रुक ही जाते हैं।
शहर की जनता की इस बड़ी समस्या को देखते हुए भी प्रशासन और मुख्य मार्ग निर्माण कंपनी इस समस्या के हल के लिए कतई गंभीर नहीं है। यहीं वजह है कि लोगों को ट्रैफिक जाम से निजात नहीं मिल पा रही है। बलटाना का के-एरिया लाइट प्वाइंट हो या फिर चंडीगढ़-अंबाला हाईवे, यहां सुबह और शाम के समय वाहन चालकों को गुजरने में करीब आधा पौना घंटा लगता ही है और इस समस्या से रोजाना दो चार होना पड़ता है।
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के-एरिया लाइट प्वाइंट पर भी जाम की समस्या........
के-एरिया में लगने वाले ट्रैफिक जाम को लेकर राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस की ओर से कई प्रयोग किए गए, इसके बावजूद लोगों को ट्रैफिक जाम से निजात नहीं मिल पाई। के-एरिया में जाम लगने का मुख्य कारण पुरानी कालका रोड से रॉन्ग साइड से आने वाले वाहन हैं, वाहन चालक गलत दिशा से आकर दूसरों के लिए खतरा बनते हैं। इसके अलावा लोगों को चंडीगढ़ के मनीमाजरा, पंचकूला के विभिन्न सेक्टर्स, माजरी, कालका और पिंजौर जाने के लिए यहां पर बस और थ्री-व्हीलरों का इंतजार करना पड़ता है। जिसके चलते भी यहां ट्रैफिक जाम लगता है।
सड़कों पर ही गाड़ियां खड़ी करने से लगता है ट्रैफिक जाम
फ्लाईओवर के नीचे स्थित मार्केट में आने जाने वाले लोगों के लिए पार्किंग की सुविधा न होने से अधिकतर लोग अपनी गाड़ियों को सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं। इससे जिस सड़क की चौड़ाई पहले ही कम है, वह और कम हो जाती है। इसके अलावा दुकानदारों ने फुटपाथ पर अवैध कब्जे किए हैं। एक तो इस रूट पर हाईवे होने के चलते हैवी ट्रैफिक है और दूसरी ओर पार्किंग स्पेस नहीं होने के चलते मेन सड़क पर ही लोग अपनी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, इस कारण भी ट्रैफिक जाम लग जाता है।
पांच साल में 30 फीसदी बढ़ी वाहनों की संख्या
पांच साल में पटियाला चौक से होकर जाने वाले पब्लिक ट्रांस्पोर्ट की संख्या में करीब 30 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। जीरकपुर के पटियाला चौक पर चारों ओर से वाहन आते हैं। यहां पर लगने वाला ट्रैफिक जाम लंबे समय तक लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता है। इस मामले की शिकायत लोगों ने पुलिस प्रशासन को भी दी है, लेकिन कुछ हुआ नहीं।
यहां नरवाना, कैथल, अंबाला, चंडीगढ़, पटियाला, हांसी, हिसार, बरवाला, कुरुक्षेत्र और करनाल के साथ-साथ रेलवे स्टेशन की तरफ से आने वाले वाहनों का जमघट रहता है। पटियाला चौक से करीब 200 ऑटो चलते हैं। यह एकदम चौक के पास ही खड़े होते हैं। इन ऑटो की वजह से भी यहां जाम की स्थिति बनती है। इतना ही नहीं, ऑटो चालकों के कारण यहां कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। जीरकपुर के पटियाला चौक का जाम खत्म करने के लिए बस स्टैंड तैयार किया गया, पर न तो बसें अंदर आती हैं और न ही सवारियां।
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ऐसे खत्म होगा ट्रैफिक जाम
-पटियाला चौक पर सवारियां बैठाने वाले ऑटो को हटाएं।
-सड़क पर गाड़ियां खड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
-पटियाला चौक पर भारी वाहनों की एंट्री बंद की जाए।
दुकानदारों और रेहड़ी वालों की ओर से किए अतिक्रमण हटवाए जाएं।
ट्रैफिक लाइटों की व्यवस्था सुचारु रूप से की जाए।
हर चौराहे पर ट्रैफिक कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए
बस स्टैंड के अतिरिक्त बसें खड़ी करने पर सख्ती की जाए।
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